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प्रभावित होने लगा है तहसीलों का कामकाज
Updated Tue, 26 Dec 2017 08:22 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। सदर तहसील में पिछले 16 दिन से जारी लेखपालों के धरने का असर अब सरकारी कामकाज पर पड़ने लगा है। मंगलवार को राजस्व निरीक्षक भी लेखपालों के साथ आंदोलन में शामिल हो गए। इससे लेखपालों के स्वर और मुखर हो गए हैं।
छाता तहसील प्रकरण को लेकर 11 दिसंबर से जिले के लेखपाल आंदोलनरत है। सदर तहसील में धरना दिया जा रहा है। यह दौर मंगलवार को भी जारी रहा। हालांकि लेखपालों के आंदोलन को विभिन्न कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिल रहा है, लेकिन मंगलवार को धरने में राजस्व निरीक्षक भी कामकाज छोड़कर शामिल हो गए। इससे जनपद की सभी तहसीलों में सरकारी कामकाज की रफ्तार ठहर गई है। इस स्थिति को देखते हुए एडीएम वित्त रवींद्र कुमार और एडीएम प्रशासन एपी श्रीवास्तव लेखपालों के धरना स्थल पर पहुंचे।
यहां दोनों पक्षों में वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा निकलकर सामने नहीं आया। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मुकदमा वापस होने पर ही अब आंदोलन खत्म होगा।
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इस दौरान प्रमोद कुमार शर्मा, राहुल गुप्ता, चुन्नीलाल, हरीओम गौतम, खेमचंद्र, श्याम सिंह, सपन भारद्वाज, गौरी शंकर शर्मा, हजारी लाल, नितिन चतुर्वेदी, डालचंद्र आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता रघुवीर सिंह और संचालन रमेशचंद्र यादव ने किया।
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छाता तहसील प्रकरण को लेकर 11 दिसंबर से जिले के लेखपाल आंदोलनरत है। सदर तहसील में धरना दिया जा रहा है। यह दौर मंगलवार को भी जारी रहा। हालांकि लेखपालों के आंदोलन को विभिन्न कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिल रहा है, लेकिन मंगलवार को धरने में राजस्व निरीक्षक भी कामकाज छोड़कर शामिल हो गए। इससे जनपद की सभी तहसीलों में सरकारी कामकाज की रफ्तार ठहर गई है। इस स्थिति को देखते हुए एडीएम वित्त रवींद्र कुमार और एडीएम प्रशासन एपी श्रीवास्तव लेखपालों के धरना स्थल पर पहुंचे।
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यहां दोनों पक्षों में वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा निकलकर सामने नहीं आया। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मुकदमा वापस होने पर ही अब आंदोलन खत्म होगा।
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इस दौरान प्रमोद कुमार शर्मा, राहुल गुप्ता, चुन्नीलाल, हरीओम गौतम, खेमचंद्र, श्याम सिंह, सपन भारद्वाज, गौरी शंकर शर्मा, हजारी लाल, नितिन चतुर्वेदी, डालचंद्र आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता रघुवीर सिंह और संचालन रमेशचंद्र यादव ने किया।