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आगरा विश्वविद्यालय फूलों से बनाएगा अगरबती
Updated Tue, 21 Nov 2017 08:59 AM IST
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अागरा विवि
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा। डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय फूलों के कचरे से गुलाब जल, अगरबत्ती, धूपबत्ती, बर्मी कंपोस्ट तैयार करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय डिस्टीलेशन प्लांट स्थापित करने जा रहा है। प्लांट का संचालन इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के छात्र करेंगे।
गुणवत्ता की परख करने का कार्य फार्मेसी विभाग के छात्र संभालेंगे। तैयार माल को बाजार में बचने का जिम्मा सेठ पद्मचंद मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के विद्यार्थी संभालेंगे। सोमवार को खंदारी परिसर स्थित गेस्ट हाउस में जानकारी देते हुए कुलपति डा. अरविंद दीक्षित ने बताया कि शिक्षा के साथ रोजगार देना भी विश्वविद्यालय का मकसद है।
इसके लिए चार इंस्टीट्यूट के आपसी तालमेल के जरिये डिस्टीलेशन प्लांट स्थापित किया जाएगा। गुलाब जल, धूपबत्ती-अगरबत्ती, बर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए धार्मिक स्थल, विवाह घराें से संपर्क कर फूलों के कचरा को एकत्रित किया जाएगा। इससे तैयार माल की बिक्री कर छात्र और विश्वविद्यालय की कमाई की जाएगी।
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बेरोजगारों के हाथों में देंगे हुनर की ताकत
कम पढ़े-लिखे हैं ऐसे लोग भी बेरोजगार नहीं होंगे। भारत सरकार के कौशल विकास योजना के तहत चार निशुल्क नए ट्रेेनिंग कोर्स शुरू किए हैं। इसमें लेथ आपरेटर (आठवीं पास के लिए 400 घंटे का कोर्स), डीलरशिप टेलीकॉलर्स सेल्स एक्जीक्यूटिव (12वीं पास के लिए 540 घंटे का कोर्स), सीसीटीवी इंस्टालेशन टेक्नीशियन (10वीं पास के लिए 360 घंटे का कोर्स) और डोमेस्टिक डेटा एंट्री आपरेटर (10वीं पास के लिए 440 घंटे का कोर्स) है।
इनमें 25-25 सीटें होंगी। प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। आईईटी निदेशक डा. वीके सारस्वत ने बताया कि 15 दिन तक आवेदन मांगे जाएंगे, दिसंबर के दूसरे सप्ताह से प्रशिक्षण शुरू करा दिया जाएगा।
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गुणवत्ता की परख करने का कार्य फार्मेसी विभाग के छात्र संभालेंगे। तैयार माल को बाजार में बचने का जिम्मा सेठ पद्मचंद मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के विद्यार्थी संभालेंगे। सोमवार को खंदारी परिसर स्थित गेस्ट हाउस में जानकारी देते हुए कुलपति डा. अरविंद दीक्षित ने बताया कि शिक्षा के साथ रोजगार देना भी विश्वविद्यालय का मकसद है।
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इसके लिए चार इंस्टीट्यूट के आपसी तालमेल के जरिये डिस्टीलेशन प्लांट स्थापित किया जाएगा। गुलाब जल, धूपबत्ती-अगरबत्ती, बर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए धार्मिक स्थल, विवाह घराें से संपर्क कर फूलों के कचरा को एकत्रित किया जाएगा। इससे तैयार माल की बिक्री कर छात्र और विश्वविद्यालय की कमाई की जाएगी।
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बेरोजगारों के हाथों में देंगे हुनर की ताकत
कम पढ़े-लिखे हैं ऐसे लोग भी बेरोजगार नहीं होंगे। भारत सरकार के कौशल विकास योजना के तहत चार निशुल्क नए ट्रेेनिंग कोर्स शुरू किए हैं। इसमें लेथ आपरेटर (आठवीं पास के लिए 400 घंटे का कोर्स), डीलरशिप टेलीकॉलर्स सेल्स एक्जीक्यूटिव (12वीं पास के लिए 540 घंटे का कोर्स), सीसीटीवी इंस्टालेशन टेक्नीशियन (10वीं पास के लिए 360 घंटे का कोर्स) और डोमेस्टिक डेटा एंट्री आपरेटर (10वीं पास के लिए 440 घंटे का कोर्स) है।
इनमें 25-25 सीटें होंगी। प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। आईईटी निदेशक डा. वीके सारस्वत ने बताया कि 15 दिन तक आवेदन मांगे जाएंगे, दिसंबर के दूसरे सप्ताह से प्रशिक्षण शुरू करा दिया जाएगा।