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कुल का चिराग बुझते ही दादी ने मूंदी आंखे
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:27 PM IST
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पटियाली। कुल के तीसरे चिराग को भी जन्म के कुछ समय बाद ही कुदरत द्वारा छीन लिए जाने का सदमा उसकी दादी बर्दास्त नहीं कर पाई। चिराग के बुझने के साथ ही दादी ने भी अपनी आंखें मूंद ली। जहां पर थोड़ी देर पहले खुशी का माहौल था, वहां पर मातम छा गया।
मामला ग्राम गनेशपुर का है। फिरोज पुत्र नौशे के शुक्रवार की देर सायं एक पुत्र ने जन्म लिया। दो बच्चों की मौत के बाद इस बच्चे के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल हो गया।
बच्चे की दादी भी काफी खुश नजर आ रही थी, लेकिन कुदरत को परिवार की यह खुशियां मंजूर नहीं थी। जन्म लेने के कुछ देर बाद ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। जब इस बात की जानकारी उसकी दादी को हुई तो वे सदमे में आ गई।
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लगातार तीसरे बच्चे के साथ एक जैसी घटना के सदमे को वह बर्दास्त नहीं कर सकी। अचानक उनको हृदयाघात लगा और उनकी मौत हो गई। जैसे ही परिवार के लोगों को उनकी मौत की सूचना मिली परिवार में कोहराम मच गया।
पहले भी दो बच्चों की हो चुकी है मौत
पटियाली। फिरोज के पहले भी दो बच्चों की मौत हो चुकी है। दो वर्ष पूर्व उसके यहां एक बेटे ने जन्म लिया, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार में फिर खुशी का मौका आया। एक साल पहले फिर से एक बेटे ने जन्म लिया, लेकिन यह पुत्र भी कुछ समय बाद मौत के आगोश में समा गया। तीसरे पुत्र के साथ भी ऐसा वाकया हो गया।
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मामला ग्राम गनेशपुर का है। फिरोज पुत्र नौशे के शुक्रवार की देर सायं एक पुत्र ने जन्म लिया। दो बच्चों की मौत के बाद इस बच्चे के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल हो गया।
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बच्चे की दादी भी काफी खुश नजर आ रही थी, लेकिन कुदरत को परिवार की यह खुशियां मंजूर नहीं थी। जन्म लेने के कुछ देर बाद ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। जब इस बात की जानकारी उसकी दादी को हुई तो वे सदमे में आ गई।
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लगातार तीसरे बच्चे के साथ एक जैसी घटना के सदमे को वह बर्दास्त नहीं कर सकी। अचानक उनको हृदयाघात लगा और उनकी मौत हो गई। जैसे ही परिवार के लोगों को उनकी मौत की सूचना मिली परिवार में कोहराम मच गया।
पहले भी दो बच्चों की हो चुकी है मौत
पटियाली। फिरोज के पहले भी दो बच्चों की मौत हो चुकी है। दो वर्ष पूर्व उसके यहां एक बेटे ने जन्म लिया, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार में फिर खुशी का मौका आया। एक साल पहले फिर से एक बेटे ने जन्म लिया, लेकिन यह पुत्र भी कुछ समय बाद मौत के आगोश में समा गया। तीसरे पुत्र के साथ भी ऐसा वाकया हो गया।