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डेंगू का वार, स्वास्थ्य विभाग बीमार
Updated Mon, 18 Sep 2017 11:00 PM IST
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DENGUE
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एटा। मौसम बदलने के साथ ही जिले में डेंगू ने लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है, मगर स्वास्थ्य विभाग बीमार है। डेंगू से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को छछैना के एक किशोर को जिला अस्पताल में जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद परिजनों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
थाना मलावन क्षेत्र के गांव छछैना निवासी किशोर दीपक पुत्र दिलीप पिछले पांच दिन से बुखार से पीड़ित है। इनका परिवारीजन पहले नजदीक निजी क्लीनिक पर इलाज कराते रहे। सोमवार को किशोर को लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। जहां ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई है। किशोर को डेंगू से ग्रसित होने की जानकारी पाने के बाद घरवालों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
लगातार डेंगू रोगियों की संख्या बढ़ने के बाद भी अब तक स्वास्थ्य विभाग चेता नहीं है। सर्जिकल और मेडिकल वार्ड के मरीजों के साथ ही चार बेड पर मच्छरदानी लगाकर डेंगू वार्ड का नाम दे दिया गया है। ये बेड न तो अलग हैं और न ही मरीजों के लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्थाएं है। यहां डॉक्टर ही इस तरह के मरीजों को भर्ती करने में हिचकते हैं। अभी तक जिन चार मामलों की पुष्टि हुई है, उनमें से एक भी यहां भर्ती नहीं हुआ है।
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यही नहीं, पिछले वर्षों में भी अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ। सीएमएस डा. बी सागर कहते हैं कि डेंगू से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। डेंगू मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।
क्या होता है डेंगू
डेंगू की बीमारी एडीज नामक मच्छर के काटने से होती है। इस मच्छर के काटने पर विषाणु तेजी से मरीज के शरीर में अपना असर दिखाते हैं। गर्मी और बारिश के मौसम में यह बीमारी तेजी से पनपती है। डेंगू के मच्छर ज्यादातर हमेशा दिन में काटते हैं।
डेंगू के लक्षण
- तेज ठंड और बुखार
- कमर, मांसपेशियों, जोड़ों और सिर में तेज दर्द
- हल्की खांसी, गले में दर्द और खरास
- शरीर पर लाल-लाल दाने दिखाई देना
- थकावट, भूख न लगना और कमजोरी
- उल्टी और दर्द
ये अपनाएं तरीके
- रोगी को ज्यादा से ज्यादा तरल चीजें दें, ताकि उसके शरीर में पानी की कमी न हो
- मरीज को पपीते के पत्ते पानी में या पीस कर दिए जा सकते हैं। यह शरीर में प्लेटलेट्स बढ़ाने का काम करते हैं। लेकिन पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें।
- मरीज को डिस्प्रीन और एस्प्रीन की गोली नहीं दें।
- बुखार कम करने के लिए पेरासिटामोल की गोली दी जा सकती है।
- जितना हो सके नारियल पानी और जूस पिलाएं।
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थाना मलावन क्षेत्र के गांव छछैना निवासी किशोर दीपक पुत्र दिलीप पिछले पांच दिन से बुखार से पीड़ित है। इनका परिवारीजन पहले नजदीक निजी क्लीनिक पर इलाज कराते रहे। सोमवार को किशोर को लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। जहां ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई है। किशोर को डेंगू से ग्रसित होने की जानकारी पाने के बाद घरवालों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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लगातार डेंगू रोगियों की संख्या बढ़ने के बाद भी अब तक स्वास्थ्य विभाग चेता नहीं है। सर्जिकल और मेडिकल वार्ड के मरीजों के साथ ही चार बेड पर मच्छरदानी लगाकर डेंगू वार्ड का नाम दे दिया गया है। ये बेड न तो अलग हैं और न ही मरीजों के लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्थाएं है। यहां डॉक्टर ही इस तरह के मरीजों को भर्ती करने में हिचकते हैं। अभी तक जिन चार मामलों की पुष्टि हुई है, उनमें से एक भी यहां भर्ती नहीं हुआ है।
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यही नहीं, पिछले वर्षों में भी अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ। सीएमएस डा. बी सागर कहते हैं कि डेंगू से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। डेंगू मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।
क्या होता है डेंगू
डेंगू की बीमारी एडीज नामक मच्छर के काटने से होती है। इस मच्छर के काटने पर विषाणु तेजी से मरीज के शरीर में अपना असर दिखाते हैं। गर्मी और बारिश के मौसम में यह बीमारी तेजी से पनपती है। डेंगू के मच्छर ज्यादातर हमेशा दिन में काटते हैं।
डेंगू के लक्षण
- तेज ठंड और बुखार
- कमर, मांसपेशियों, जोड़ों और सिर में तेज दर्द
- हल्की खांसी, गले में दर्द और खरास
- शरीर पर लाल-लाल दाने दिखाई देना
- थकावट, भूख न लगना और कमजोरी
- उल्टी और दर्द
ये अपनाएं तरीके
- रोगी को ज्यादा से ज्यादा तरल चीजें दें, ताकि उसके शरीर में पानी की कमी न हो
- मरीज को पपीते के पत्ते पानी में या पीस कर दिए जा सकते हैं। यह शरीर में प्लेटलेट्स बढ़ाने का काम करते हैं। लेकिन पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें।
- मरीज को डिस्प्रीन और एस्प्रीन की गोली नहीं दें।
- बुखार कम करने के लिए पेरासिटामोल की गोली दी जा सकती है।
- जितना हो सके नारियल पानी और जूस पिलाएं।