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अब आधार कार्ड से मिलेगा टीबी रोगियों को उपचार
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:16 AM IST
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aadhaar card
- फोटो : Getty Images
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फिरोजाबाद। केंद्र सरकार ने टीबी रोगियों के इलाज के लिए आधार कार्ड और बैंक खाता नंबर जरूरी कर दिया है। अब टीबी के मरीजों बिना आधार और बैंक खाते के बिना इलाज नहीं मिलेगा।
मरीजों के आधार कार्ड और खाते खुलवाने की जिम्मेदारी विभाग को सौंपी गई है। फिरोजाबाद जिले में टीबी मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में इनकी मानिटरिंग बेहतर ढंग से हो सकेगी।
जिले में हर माह करीब 500 नए मरीज बलगम जांच केंद्र और डाट्स सेंटर्स पर पहुंचते हैं। केंद्र सरकार टीबी रोगियों को आर्थिक सहायता देने भी तैयारी कर रही है। राष्ट्रीय पुनरीक्षित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नए शासनादेश के अनुसार जब तक टीबी मरीज के पास आधार कार्ड और बैंक खाता नहीं होगा, उसका डाट्स सेंटर पर पंजीकरण नहीं होगा और न ही उसे किसी से तरह की नकद सहायता राशि दी जाएगी।
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योजना का उद्देश्य देशभर में टीबी के मरीजों तक पहुंचकर उन्हें जल्द से जल्द ठीक करना है। टीबी रोगियों की आनलाइन मानिटरिंग के लिए साफ्टवेयर पर विवरण दर्ज किया जाता है। आधार लिंक नहीं होने से ऐसे मरीजों का पता नहीं चलता, जो एक से अधिक जगह उपचार करा रहे हैं।
फिलहाल दिखा सकते हैं आईडी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक आधार नंबर मिलने तक मरीज आधार पंजीकरण की पर्ची दिखाकर या मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड जैसे सरकारी दस्तावेज के जरिए योजना का लाभ ले सकेंगे। मरीजों के आधार कार्ड और जनधन योजना के तहत खाते खुलवाने में भी कर्मचारी सहयोग करेंगे।
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मरीजों के आधार कार्ड और खाते खुलवाने की जिम्मेदारी विभाग को सौंपी गई है। फिरोजाबाद जिले में टीबी मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में इनकी मानिटरिंग बेहतर ढंग से हो सकेगी।
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जिले में हर माह करीब 500 नए मरीज बलगम जांच केंद्र और डाट्स सेंटर्स पर पहुंचते हैं। केंद्र सरकार टीबी रोगियों को आर्थिक सहायता देने भी तैयारी कर रही है। राष्ट्रीय पुनरीक्षित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नए शासनादेश के अनुसार जब तक टीबी मरीज के पास आधार कार्ड और बैंक खाता नहीं होगा, उसका डाट्स सेंटर पर पंजीकरण नहीं होगा और न ही उसे किसी से तरह की नकद सहायता राशि दी जाएगी।
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योजना का उद्देश्य देशभर में टीबी के मरीजों तक पहुंचकर उन्हें जल्द से जल्द ठीक करना है। टीबी रोगियों की आनलाइन मानिटरिंग के लिए साफ्टवेयर पर विवरण दर्ज किया जाता है। आधार लिंक नहीं होने से ऐसे मरीजों का पता नहीं चलता, जो एक से अधिक जगह उपचार करा रहे हैं।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक आधार नंबर मिलने तक मरीज आधार पंजीकरण की पर्ची दिखाकर या मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड जैसे सरकारी दस्तावेज के जरिए योजना का लाभ ले सकेंगे। मरीजों के आधार कार्ड और जनधन योजना के तहत खाते खुलवाने में भी कर्मचारी सहयोग करेंगे।