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पुलिस के सामने पथराव, भिड़ गए दो पक्ष
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:52 PM IST
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- फोटो : demo
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मथुरा। शुक्रवार को गांव अडूकी में लूट और हमले की जांच करने पहुंची पुलिस के सामने ही दो पक्षों में पथराव हो गया। छतों पर चढ़कर एक दूसरे पर पत्थर बरसाए गए। दरोगा को भी महिलाओं ने घेर लिया था। जब हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची तो पथराव कर रहे लोग भाग गए।
दरअसल ये पूरा मामला 11 जुलाई को थाना हाईवे पर दर्ज लूट और जानलेवा हमले के मुकदमे से जुड़ा है। थाना हाईवे के गांव अडूकी निवासी गुलाब सिंह के बेटे ब्रजमोहन ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके ऊपर गांव के ही चार लोगों ने हमला किया है। उसे लाठी-डंडों से पीटा गया है। जब वह वहां से भागा तो फायर भी किया गया। हमलावरों ने उसकी जेब में रखे छह हजार रुपये भी छीन लिए। इस मामले में उसने गांव के हरवीर सिंह, बिजेंद्र और परिवार के ही परमवीर और राजबीर को नामजद किया गया था। इस मामले की जांच करने के लिए हाईवे थाने के दरोगा धर्मेंद्र सिंह भाटी सिपाही के साथ शुक्रवार को गांव में पहुंचे थे।
अभी उन्होंने घटना के संबंध में दोनों पक्षों को बुलाकर पड़ताल शुरू ही की थी कि दोनों गुटों मारपीट और पथराव शुरू हो गया। चूंकि मौके पर मात्र एक दरोगा और एक सिपाही ही थे इससे भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी। महिलाओं ने दरोगा को भी घेर लिया था। सूचना पाकर थाने से फोर्स पहुंची तो पथराव करने वाले भाग गए। हालांकि पुलिस ने पथराव से इंकार किया है। पुलिस का कहना है कि मामूली कहासुनी हुई थी। प्रभारी निरीक्षक गिरीश चंद तिवारी ने बताया कि लूट का मामला तो फर्जी है। गुलाब सिंह के हरवीर पर एक लाख रुपये थे। उसी को लेकर युवक पर जानलेवा हमला हुआ। जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे।
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दरअसल ये पूरा मामला 11 जुलाई को थाना हाईवे पर दर्ज लूट और जानलेवा हमले के मुकदमे से जुड़ा है। थाना हाईवे के गांव अडूकी निवासी गुलाब सिंह के बेटे ब्रजमोहन ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके ऊपर गांव के ही चार लोगों ने हमला किया है। उसे लाठी-डंडों से पीटा गया है। जब वह वहां से भागा तो फायर भी किया गया। हमलावरों ने उसकी जेब में रखे छह हजार रुपये भी छीन लिए। इस मामले में उसने गांव के हरवीर सिंह, बिजेंद्र और परिवार के ही परमवीर और राजबीर को नामजद किया गया था। इस मामले की जांच करने के लिए हाईवे थाने के दरोगा धर्मेंद्र सिंह भाटी सिपाही के साथ शुक्रवार को गांव में पहुंचे थे।
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अभी उन्होंने घटना के संबंध में दोनों पक्षों को बुलाकर पड़ताल शुरू ही की थी कि दोनों गुटों मारपीट और पथराव शुरू हो गया। चूंकि मौके पर मात्र एक दरोगा और एक सिपाही ही थे इससे भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी। महिलाओं ने दरोगा को भी घेर लिया था। सूचना पाकर थाने से फोर्स पहुंची तो पथराव करने वाले भाग गए। हालांकि पुलिस ने पथराव से इंकार किया है। पुलिस का कहना है कि मामूली कहासुनी हुई थी। प्रभारी निरीक्षक गिरीश चंद तिवारी ने बताया कि लूट का मामला तो फर्जी है। गुलाब सिंह के हरवीर पर एक लाख रुपये थे। उसी को लेकर युवक पर जानलेवा हमला हुआ। जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे।
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