{"_id":"59592e694f1c1b1d4d8b46fb","slug":"171499016809-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"करोड़ों खर्च, फिर भी नहीं चालू हुए बिजलीघर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करोड़ों खर्च, फिर भी नहीं चालू हुए बिजलीघर
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
electricity demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए करोड़ों की लागत से नया विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो चुका है लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते शुरू नहीं हो पाया है।
जिला अस्पताल में घंटों तक बिजली न आने से मरीजों परेशानी का सामना करना पड़ता है। जेनरेटर की व्यवस्था भी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग बजट न होने का बहाना बनाकर जेनरेटर चलाने की जहमत से बचता नजर आता है।
मरीजों को होने वाले परेशानी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल परिसर में ही अलग विद्युत उपकेंद्र बनवाने का फैसला लिया था। उपकेंद्र के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक करोड़ 60 लाख की धनराशि विद्युत विभाग को मुहैया कराई गई। जिला अस्पताल को निर्वाध आपूर्ति देने के लिए एसएन व ककरऊ कोठी से 33 केवी की लाइन का निर्माण कराया गया। अब उपकेंद्र शुभारंभ के इंतजार में है।
विज्ञापन
पुनर्संरचित त्वरित बिजली विकास और सुधार कार्यक्रम (आरएपीडीआर) योजना के अंतर्गत नए बाईपास स्थित ककरऊ कोठी के निकट 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराया है। विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कार्य पूरा हुए महीनों बीत चुके हैं अभी तक विभाग उसे चालू नहीं करा सका। विभागीय अफसर बिजलीघर चालू करने के नाम पर टालमटोल की नीति अपनाए हुए हैं। नया बिजलीघर चालू होने से एसएन बिजलीघर का लोड कम होने से उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति मिल सकेगी।
अधिशासी अभियंता आर.पी. वर्मा जिला अस्पताल और ककरऊ कोठी बिजलीघर चालू कराने को निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बिजलीघर चालू कराने को विद्युत सुरक्षा निदेशालय लखनऊ से एनओसी प्राप्त नहीं हुई है। एनओसी मिलने के बाद ही दोनों बिजलीघर चालू हो सकेंगे।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में घंटों तक बिजली न आने से मरीजों परेशानी का सामना करना पड़ता है। जेनरेटर की व्यवस्था भी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग बजट न होने का बहाना बनाकर जेनरेटर चलाने की जहमत से बचता नजर आता है।
विज्ञापन
मरीजों को होने वाले परेशानी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल परिसर में ही अलग विद्युत उपकेंद्र बनवाने का फैसला लिया था। उपकेंद्र के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक करोड़ 60 लाख की धनराशि विद्युत विभाग को मुहैया कराई गई। जिला अस्पताल को निर्वाध आपूर्ति देने के लिए एसएन व ककरऊ कोठी से 33 केवी की लाइन का निर्माण कराया गया। अब उपकेंद्र शुभारंभ के इंतजार में है।
विज्ञापन
पुनर्संरचित त्वरित बिजली विकास और सुधार कार्यक्रम (आरएपीडीआर) योजना के अंतर्गत नए बाईपास स्थित ककरऊ कोठी के निकट 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराया है। विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कार्य पूरा हुए महीनों बीत चुके हैं अभी तक विभाग उसे चालू नहीं करा सका। विभागीय अफसर बिजलीघर चालू करने के नाम पर टालमटोल की नीति अपनाए हुए हैं। नया बिजलीघर चालू होने से एसएन बिजलीघर का लोड कम होने से उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति मिल सकेगी।
अधिशासी अभियंता आर.पी. वर्मा जिला अस्पताल और ककरऊ कोठी बिजलीघर चालू कराने को निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बिजलीघर चालू कराने को विद्युत सुरक्षा निदेशालय लखनऊ से एनओसी प्राप्त नहीं हुई है। एनओसी मिलने के बाद ही दोनों बिजलीघर चालू हो सकेंगे।