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मथुरा में आलू किसानों ने किया विरोध, तहसील के गेट पर फेंके 300 क्विंटल आलू
Updated Tue, 27 Jun 2017 11:46 PM IST
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आलू फेंकते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा। उत्पादन लागत के बराबर भी आलू का मूल्य न मिलने से परेशान किसानों ने मंगलवार को तहसील महावन के गेट पर सैकड़ों बोरी ( करीब 300 क्विंटल) आलू फेंककर अपना विरोध प्रकट किया। कई गांवों के किसान ट्रैक्टर-ट्राली में आलू भरकर तहसील लाए थे। किसानों ने आलू का समर्थन मूल्य 1200 रुपये प्रति कुं तल करने की मांग की है।
मंगलवार को महावन तहसील पर उस वक्त अफरातफरी मच गई जब ट्रैक्टर-ट्राली में आलू भरकर किसान पहुंचे। यह किसान पचावर, नगला लोका, कारब, सिहोरा, हथौड़ा, तालघड़ी और छौली के रहने वाले थे।
इन लोगों ने तहसील के गेट पर ट्राली से आलू फेंकना शुरू कर दिया। करीब 300 क्विंटल आलू फेंक दिया गया। सड़कों पर आलू ही आलू नजर आ रहा था। तहसील के गेट पर जो नाला था वह भी आलू से पट गया।
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आलू फेंकने के बाद किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सरकार से लेकर प्रशासन तक पर आरोप लगाए गए। डीपी सिंह, सुरेश कुमार, दिगंबर सिंह, भूदेव सिंह, अनिल कुमार, अमर सिंह, रनवीर सिंह, देवेंद्र कुमार ने कहा कि वर्तमान में आलू का भाव 250 रुपये क्विंटल है। इससे किसान की लागत भी नहीं निकल पा रही है।
कोल्ड स्टोर संचालक किराया का अलग से दबाव बना रहे हैं। आलू किसान कोल्ड स्टोर का किराया देने की भी स्थिति में नहीं हैं। किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच एसडीएम गरिमा सिंह से किसानों से बात की। किसानों का कहना था कि जब तक आलू का भाव 1200 रुपये प्रति कुंतल नहीं हो जाता किसानों को लाभ नहीं होगा।
किसानों ने अपना मांग पत्र सौंपा है। किसान कह रहे हैं कि आलू का दाम बहुत कम है। लागत भी नहीं निकल पा रही है। किसानों की बात को शासन तक पहुंचाएंगे।
गरिमा सिंह, एसडीएम महावन
9 कुंतल आलू खरीद कर बंद हो गए खरीद केन्द्र
आलू खरीद के लिए शासन ने मंडी समिति मथुरा में जो सेंटर खोला था उस पर केवल एक ही किसान ने आलू बेचा था। आलू खरीद के लिए अप्रैल माह में मंडी समिति में उद्यान विभाग व यूपी एग्रो ने दो खरीद कें द्र खोले थे।
इसमें केवल एक किसान का 9 कुंतल आलू खरीद कर केंद्र बंद कर दिया गया। किसानों का कहना है कि सरकार ने 487 रुपये प्रति क्विंटल का रेट तय किया था लेकिन जो क्वालिटी तय की गई थी उसमें मथुरा का आलू फेल हो रहा था।
जिला उद्यान अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि आलू खरीद के लिए आलू का मोटा व अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए। किसान मानक वाला आलू लेकर खरीद केंद्र पर नहीं पहुंचे।
मथुरा में आलू का रकबा-18 हजार हेक्टेयर
आलू उत्पादक किसान- 25000
एक बीघा आलू की खेती पर लागत- 50 हजार रुपये
एक बीघा में आलू का पैदावार हो रही- 130 से 140 बोरा
250 रुपये बोरा के हिसाब से 140 बोरा आलू की कीमत 35000 रुपये
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मंगलवार को महावन तहसील पर उस वक्त अफरातफरी मच गई जब ट्रैक्टर-ट्राली में आलू भरकर किसान पहुंचे। यह किसान पचावर, नगला लोका, कारब, सिहोरा, हथौड़ा, तालघड़ी और छौली के रहने वाले थे।
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इन लोगों ने तहसील के गेट पर ट्राली से आलू फेंकना शुरू कर दिया। करीब 300 क्विंटल आलू फेंक दिया गया। सड़कों पर आलू ही आलू नजर आ रहा था। तहसील के गेट पर जो नाला था वह भी आलू से पट गया।
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आलू फेंकने के बाद किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सरकार से लेकर प्रशासन तक पर आरोप लगाए गए। डीपी सिंह, सुरेश कुमार, दिगंबर सिंह, भूदेव सिंह, अनिल कुमार, अमर सिंह, रनवीर सिंह, देवेंद्र कुमार ने कहा कि वर्तमान में आलू का भाव 250 रुपये क्विंटल है। इससे किसान की लागत भी नहीं निकल पा रही है।
कोल्ड स्टोर संचालक किराया का अलग से दबाव बना रहे हैं। आलू किसान कोल्ड स्टोर का किराया देने की भी स्थिति में नहीं हैं। किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच एसडीएम गरिमा सिंह से किसानों से बात की। किसानों का कहना था कि जब तक आलू का भाव 1200 रुपये प्रति कुंतल नहीं हो जाता किसानों को लाभ नहीं होगा।
किसानों ने अपना मांग पत्र सौंपा है। किसान कह रहे हैं कि आलू का दाम बहुत कम है। लागत भी नहीं निकल पा रही है। किसानों की बात को शासन तक पहुंचाएंगे।
गरिमा सिंह, एसडीएम महावन
9 कुंतल आलू खरीद कर बंद हो गए खरीद केन्द्र
आलू खरीद के लिए शासन ने मंडी समिति मथुरा में जो सेंटर खोला था उस पर केवल एक ही किसान ने आलू बेचा था। आलू खरीद के लिए अप्रैल माह में मंडी समिति में उद्यान विभाग व यूपी एग्रो ने दो खरीद कें द्र खोले थे।
इसमें केवल एक किसान का 9 कुंतल आलू खरीद कर केंद्र बंद कर दिया गया। किसानों का कहना है कि सरकार ने 487 रुपये प्रति क्विंटल का रेट तय किया था लेकिन जो क्वालिटी तय की गई थी उसमें मथुरा का आलू फेल हो रहा था।
जिला उद्यान अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि आलू खरीद के लिए आलू का मोटा व अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए। किसान मानक वाला आलू लेकर खरीद केंद्र पर नहीं पहुंचे।
मथुरा में आलू का रकबा-18 हजार हेक्टेयर
आलू उत्पादक किसान- 25000
एक बीघा आलू की खेती पर लागत- 50 हजार रुपये
एक बीघा में आलू का पैदावार हो रही- 130 से 140 बोरा
250 रुपये बोरा के हिसाब से 140 बोरा आलू की कीमत 35000 रुपये