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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर संविदा कर्मचारी
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लाठीचार्ज पर एनएचएम संविदाकर्मियों में फूटा आक्रोश
- फोटो : demo
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मैनपुरी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संविदा पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। आंदोलन के अगले क्रम में कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से बेमियादी हड़ताल की और सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सीएमओ को सौंपा।
सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के संविदा कर्मी हड़ताल पर रहे। मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की मांग है कि उन लोगों की सेवा स्थाई की जाए। मानव संशाधन नीति लागू की जाए। समान कार्य के लिए समान वेतन जारी किया जाए। आशा बहुओं को प्रति माह कम से कम 10 हजार मानदेय दिया जाए।
प्रदेश संगठन मंत्री संजय पंकज शर्मा ने कहा कि जब तक उनकी लंबित मांगों को प्रदेश सरकार द्वारा लागू नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा। हड़ताल प्रात: 10 बजे से शाम बजे तक प्रतिदिन चलेगी। संविदा कर्मचारियों में उनकी सेवा विसंगतियों के चलते रोष व्याप्त है, जिसमें जिले की सैकड़ों आशा संगिनी भी शामिल हैं।
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संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था को छोड़कर ओपीडी, टीकाकरण, रिपोर्टिंग, दैनिक राजकीय कार्य, भुगतान, प्रसव कार्य सहित तमाम स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। आयुष अस्पताल सोमवार को पूरी तरह से बंद रहा। इससे यहां आने वाले मरीजों को निराश ही लौटना पड़ा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के उपचार में कोई दिक्कत न हो इसके लिए सरकारी कर्मचारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
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सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के संविदा कर्मी हड़ताल पर रहे। मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की मांग है कि उन लोगों की सेवा स्थाई की जाए। मानव संशाधन नीति लागू की जाए। समान कार्य के लिए समान वेतन जारी किया जाए। आशा बहुओं को प्रति माह कम से कम 10 हजार मानदेय दिया जाए।
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प्रदेश संगठन मंत्री संजय पंकज शर्मा ने कहा कि जब तक उनकी लंबित मांगों को प्रदेश सरकार द्वारा लागू नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा। हड़ताल प्रात: 10 बजे से शाम बजे तक प्रतिदिन चलेगी। संविदा कर्मचारियों में उनकी सेवा विसंगतियों के चलते रोष व्याप्त है, जिसमें जिले की सैकड़ों आशा संगिनी भी शामिल हैं।
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संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था को छोड़कर ओपीडी, टीकाकरण, रिपोर्टिंग, दैनिक राजकीय कार्य, भुगतान, प्रसव कार्य सहित तमाम स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। आयुष अस्पताल सोमवार को पूरी तरह से बंद रहा। इससे यहां आने वाले मरीजों को निराश ही लौटना पड़ा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के उपचार में कोई दिक्कत न हो इसके लिए सरकारी कर्मचारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं।