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दिवाली की रात तीन मंजिला मकान में लगी आग
Updated Thu, 08 Nov 2018 11:41 PM IST
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fire shimla
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टूंडला (फिरोजाबाद)। दिवाली की मध्यरात्रि दूसरी मंजिल पर स्थित एलआईसी महिला कर्मचारी के आवास में आग लग गई। तीन मंजिला इमारत में आग लगने से खलबली मच गई। नीचे व ऊपर की मंजिल आईएएस के पिता की होने पर उनके परिवार के लोग भी वहां पहुंच गए। देर रात बमुश्किल आग पर काबू पाया जा सका।
सांवले प्रसाद रोड निवासी रानी गुप्ता पुत्री मुन्नाबाबू एलआईसी में कर्मचारी है। तीन मंजिला कोठी में रानी दूसरी मंजिल पर रहती हैं, जबकि पहली व तीसरी मंजिल प्रदेेश में औद्योगिक विकास सचिव संतोष यादव के पिता बीआर यादव की हैं। दोनों में काफी समय से मकान को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों ने ही अलग नए मकान बना लिए हैं। इस मकान में दोनों का सामान रखा है।
बुधवार रात करीब 12 बजे बीच की मंजिल में अचानक आग लग गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड पहुंची। शुरू में आग कम थी, देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। रानी व बीआर यादव के परिजन मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड खराब होने पर किसी तरह पुलिस व आसपास के लोगों ने सबमर्सिबल पंप चलाकर करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया।
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फायर ब्रिगेड फेल होने पर दरोगा विपिन कुमार लोहित ने साहस दिखाया, तो लोग भी ममद को आगे आए। दरोगा जान की बाजी लगाते हुए ऊपर मंजिल पर चढ़ गया और लोगों द्वारा लाई गई पानी, मिट्टी से भरीं बाल्टियां आग पर डालता गया। दरोगा विपिन का इंस्पेक्टर बीडी पांडेय का माला पहनाकर स्वागत किया।
अंग्रेजी शासन काल में न्यायालय रही कोठी में आग की घटना पर आईएएस संतोष यादव के पिता बीआर यादव का कहना था कि एक वर्ष पूर्व भी आग लगी थी, तब वहां रखी उनकी 250 बोरा सरसों जलकर नष्ट हो गई थी। वहीं रानी गुप्ता ने आग की घटना को साजिशन बताया है। महिला का आरोप है कि यह दूसरा मौका है, जब उसके आवास में लगी है। आग जानबूझकर बाहर से लगाई गई है। अंदर से आग लगने की कोई गुंजाइश नहीं है।
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सांवले प्रसाद रोड निवासी रानी गुप्ता पुत्री मुन्नाबाबू एलआईसी में कर्मचारी है। तीन मंजिला कोठी में रानी दूसरी मंजिल पर रहती हैं, जबकि पहली व तीसरी मंजिल प्रदेेश में औद्योगिक विकास सचिव संतोष यादव के पिता बीआर यादव की हैं। दोनों में काफी समय से मकान को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों ने ही अलग नए मकान बना लिए हैं। इस मकान में दोनों का सामान रखा है।
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बुधवार रात करीब 12 बजे बीच की मंजिल में अचानक आग लग गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड पहुंची। शुरू में आग कम थी, देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। रानी व बीआर यादव के परिजन मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड खराब होने पर किसी तरह पुलिस व आसपास के लोगों ने सबमर्सिबल पंप चलाकर करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया।
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फायर ब्रिगेड फेल होने पर दरोगा विपिन कुमार लोहित ने साहस दिखाया, तो लोग भी ममद को आगे आए। दरोगा जान की बाजी लगाते हुए ऊपर मंजिल पर चढ़ गया और लोगों द्वारा लाई गई पानी, मिट्टी से भरीं बाल्टियां आग पर डालता गया। दरोगा विपिन का इंस्पेक्टर बीडी पांडेय का माला पहनाकर स्वागत किया।
अंग्रेजी शासन काल में न्यायालय रही कोठी में आग की घटना पर आईएएस संतोष यादव के पिता बीआर यादव का कहना था कि एक वर्ष पूर्व भी आग लगी थी, तब वहां रखी उनकी 250 बोरा सरसों जलकर नष्ट हो गई थी। वहीं रानी गुप्ता ने आग की घटना को साजिशन बताया है। महिला का आरोप है कि यह दूसरा मौका है, जब उसके आवास में लगी है। आग जानबूझकर बाहर से लगाई गई है। अंदर से आग लगने की कोई गुंजाइश नहीं है।