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खंदी में भरे बारिश के पानी में डूबे सात बच्चे, दो की मौत
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:05 PM IST
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कासगंज/पटियाली। थाना सिकंदरपुर वैश्य के गांव नगला बक्सी में रविवार की सुबह खंदी में भरा बारिश का पानी कहर बन गया। पशु चराने जा रहे करीब 7 बच्चे खंदी के पानी में डूबे गए। 5 बच्चों को बचा लिया गया, लेकिन दो बच्चों की मौत हो गई। बच्चों की दर्दनाक मौत से परिवार में और गांव में कोहराम मच गया। अफसर भी सूचना पर गांव पहुंच गए। पीड़ित परिवारीजनों को मदद का भरोसा दिया।
यह हादसा रविवार की सुबह करीब 10 बजे हुआ जब गांव के बच्चे रोजमर्रा की तरह अपने पशुओं को जंगल की ओर चराने ले जा रहे थे। इसी दौरान गांव की सड़क के किनारे की गहरी खंदी में बारिश का पानी एकत्रित था। पशु पानी में अचानक घुस पड़े। पशुओं को पानी में उतरता देख बच्चे भी पशुओं के पीछे ही पानी में उतर गए।
पानी में उतरते ही बच्चे खंदी के बीच के हिस्से में पहुंचे तो डूबने लगे। इस बीच दो बच्चे अपना बचाव करते हुए बाहर निकल आए। उन्होंने शोरगुल मचाया और ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीण मौके पर आ गए। ग्रामीणों ने खंदी में फंसे बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन दो बच्चों की मौत हो गई। मृतक बच्चों में मंजीत (12) पुत्र नरेशपाल और विपिन (11) पुत्र लालाराम थे। वहीं विपिन का भाई भानु 8 वर्ष, विश्वजीत पुत्र संतोष, प्रदीप पुत्र कुंवरपाल, सचिन पुत्र रामौतार, सुमित पुत्र तोताराम को बचा लिया गया।
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दो बच्चों की मौत की सूचना मिलते ही नरेश पाल और लालाराम के परिवार में जबरदस्त कोहराम मच गया। गांव के लोग भी इस दुर्घटना से सहम गए। पूरे गांव में शोक का मंजर बन गया। सूचना पर एसडीएम धीरेंद्र सिंह, तहसीलदार इमराज सिंह के अलावा सिंकदरपुर वैश्य, सुन्नगढ़ी एवं पटियाली की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।
मंजीत सबसे छोटा तो विपिन सबसे बड़ा था
पटियाली। नगला बक्सी में नरेशपाल और लालाराम के परिवारों पर अचानक ऐसा पहाड़ टूटा कि दोनों ही परिवारों के लाल उनका साथ जीवनभर के लिए छोड़ गए। नरेश पाल का पुत्र मंजीत 4 भाईयों में सबसे छोटा था। वहीं लालराम का पुत्र विपिन अपने 5 भाईयों में सबसे बड़ा था। दोनों ही परिवारों में कोहराम मचा रहा।
परिवार वालों ने नहीं कराया शव का पोस्टमार्टम
पटियाली। नगला बक्सी में खंदी में डूबकर दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चों के परिवारीजनों ने बच्चों के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। एसडीएम एवं थाना प्रभारी ने बच्चों के परिवारीजनों को काफी समझाया। एक बार परिवारीजन तैयार हो गए तो गांव के अन्य लोग मना करने लगे। इसके बाद पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
नहीं मिल पाएगी मदद: एसडीएम
पटियाली। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने कहा नगला बक्सी में हुआ हादसा बेहद दुखद है। सड़क किनारे बारिश के पानी में डूबने से बच्चों की मौत हुई है। बच्चों के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। यह दुर्घटना देवीय आपदा की श्रेणी में नहीं आती है। जिससे आर्थिक मुआवजा नहीं मिल पाएगा।
रस्सा डालकर खंदी में उतरे ग्रामीण
पटियाली। नगला बक्सी में जब ग्रामीणों को खंदी में बच्चों के डूबने की जानकारी हुई तो ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। खंदी की गहराई ज्यादा होने के कारण ग्रामीण रस्सा डालकर उसके सहारे गड्ढे में उतरे तब बच्चों को बचाया जा सका एवं मृतक बच्चों के शव बाहर निकाले जा सके।
यह हादसा रविवार की सुबह करीब 10 बजे हुआ जब गांव के बच्चे रोजमर्रा की तरह अपने पशुओं को जंगल की ओर चराने ले जा रहे थे। इसी दौरान गांव की सड़क के किनारे की गहरी खंदी में बारिश का पानी एकत्रित था। पशु पानी में अचानक घुस पड़े। पशुओं को पानी में उतरता देख बच्चे भी पशुओं के पीछे ही पानी में उतर गए।
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पानी में उतरते ही बच्चे खंदी के बीच के हिस्से में पहुंचे तो डूबने लगे। इस बीच दो बच्चे अपना बचाव करते हुए बाहर निकल आए। उन्होंने शोरगुल मचाया और ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीण मौके पर आ गए। ग्रामीणों ने खंदी में फंसे बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन दो बच्चों की मौत हो गई। मृतक बच्चों में मंजीत (12) पुत्र नरेशपाल और विपिन (11) पुत्र लालाराम थे। वहीं विपिन का भाई भानु 8 वर्ष, विश्वजीत पुत्र संतोष, प्रदीप पुत्र कुंवरपाल, सचिन पुत्र रामौतार, सुमित पुत्र तोताराम को बचा लिया गया।
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दो बच्चों की मौत की सूचना मिलते ही नरेश पाल और लालाराम के परिवार में जबरदस्त कोहराम मच गया। गांव के लोग भी इस दुर्घटना से सहम गए। पूरे गांव में शोक का मंजर बन गया। सूचना पर एसडीएम धीरेंद्र सिंह, तहसीलदार इमराज सिंह के अलावा सिंकदरपुर वैश्य, सुन्नगढ़ी एवं पटियाली की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।
मंजीत सबसे छोटा तो विपिन सबसे बड़ा था
पटियाली। नगला बक्सी में नरेशपाल और लालाराम के परिवारों पर अचानक ऐसा पहाड़ टूटा कि दोनों ही परिवारों के लाल उनका साथ जीवनभर के लिए छोड़ गए। नरेश पाल का पुत्र मंजीत 4 भाईयों में सबसे छोटा था। वहीं लालराम का पुत्र विपिन अपने 5 भाईयों में सबसे बड़ा था। दोनों ही परिवारों में कोहराम मचा रहा।
परिवार वालों ने नहीं कराया शव का पोस्टमार्टम
पटियाली। नगला बक्सी में खंदी में डूबकर दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चों के परिवारीजनों ने बच्चों के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। एसडीएम एवं थाना प्रभारी ने बच्चों के परिवारीजनों को काफी समझाया। एक बार परिवारीजन तैयार हो गए तो गांव के अन्य लोग मना करने लगे। इसके बाद पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
नहीं मिल पाएगी मदद: एसडीएम
पटियाली। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने कहा नगला बक्सी में हुआ हादसा बेहद दुखद है। सड़क किनारे बारिश के पानी में डूबने से बच्चों की मौत हुई है। बच्चों के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। यह दुर्घटना देवीय आपदा की श्रेणी में नहीं आती है। जिससे आर्थिक मुआवजा नहीं मिल पाएगा।
रस्सा डालकर खंदी में उतरे ग्रामीण
पटियाली। नगला बक्सी में जब ग्रामीणों को खंदी में बच्चों के डूबने की जानकारी हुई तो ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। खंदी की गहराई ज्यादा होने के कारण ग्रामीण रस्सा डालकर उसके सहारे गड्ढे में उतरे तब बच्चों को बचाया जा सका एवं मृतक बच्चों के शव बाहर निकाले जा सके।