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दुराचार के आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास
Updated Fri, 18 May 2018 11:11 PM IST
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कासगंज। दुराचार के मामले में अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश कृपा शंकर शर्मा ने आरोपियों को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
सहावर थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के साथ गांव के ही दिनेश सिंह ने दुराचार किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। किशोरी ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। इस पर परिजनों ने दिनेश की शिकायत उसके परिजनों से की। इस पर आरोपी पक्ष के लोगों ने गालीगलौज कर दी। मामले में पीड़िता के ताऊ ने थाना सहावर में आरोपी दिनेश के खिलाफ दुराचार, हरिजन एक्ट एवं पाक्सो अधिनियम में मामला दर्ज कराया। विवेचक ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की। शुक्रवार को अपर जिला जज न्यायालय में आरोपी ने आरोपों को खारिज किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए अधिकतम सजा के लिए बहस की। दोनों पक्षों की बहस और दलील सुनने के बाद अपर जिला जज कृपा शंकर शर्मा ने दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी पर 30 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
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सहावर थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के साथ गांव के ही दिनेश सिंह ने दुराचार किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। किशोरी ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। इस पर परिजनों ने दिनेश की शिकायत उसके परिजनों से की। इस पर आरोपी पक्ष के लोगों ने गालीगलौज कर दी। मामले में पीड़िता के ताऊ ने थाना सहावर में आरोपी दिनेश के खिलाफ दुराचार, हरिजन एक्ट एवं पाक्सो अधिनियम में मामला दर्ज कराया। विवेचक ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की। शुक्रवार को अपर जिला जज न्यायालय में आरोपी ने आरोपों को खारिज किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए अधिकतम सजा के लिए बहस की। दोनों पक्षों की बहस और दलील सुनने के बाद अपर जिला जज कृपा शंकर शर्मा ने दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी पर 30 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
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