{"_id":"5a789d364f1c1bcb268b8637","slug":"161517854006-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ई-वे बिल पर फौरी राहत, नए आदेश का है इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ई-वे बिल पर फौरी राहत, नए आदेश का है इंतजार
Updated Mon, 05 Feb 2018 11:47 PM IST
विज्ञापन
e way bill
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। ई-वे बिल से भले ही व्यापारियों और उद्यमियों को फौरी राहत मिल गई हो, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रहेगी। 50 हजार से अधिक माल होने पर ई-वे बिल जनरेट करना जरूरी होगा। वाणिज्य कर विभाग के अफसरों को वाणिज्य कर कमिशभनर के आदेश का इंतजार है।
केंद्र सरकार द्वारा एक फरवरी से ई-वे बिल के रूप में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की थी, लेकिन जिस साइट से ई-वे बिल डाउनलोड करना था। वह साइट पहले ही दिन फेल होने से प्रक्रिया लागू नहीं हो पाई। पहले दिन साइट नहीं खुलने से बड़ी संख्या में तैयार माल बाहर नहीं जा सका।
उद्यमियों और व्यापारियों के निरंतर फोन बजने पर वाणिज्य कर कमिशभनर ने व्यवस्था में सुधार नहीं होने तक ई-वे बिल व्यवस्था को स्थगित कर दिया है। वाणिज्य कर के असिस्टेंट कमिशभनर नृपेंद्र सिंह सेंगर ने कहा ई-वे बिल में भले ही उद्यमियाें, व्यापारियों को फौरी तौर पर राहत मिल गई है, लेकिन केंद्र सरकार इस व्यवस्था में सुधार कर जल्द लागू करने की तैयारी कर रही है। विभाग को नया आदेश आने का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र सरकार द्वारा एक फरवरी से ई-वे बिल के रूप में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की थी, लेकिन जिस साइट से ई-वे बिल डाउनलोड करना था। वह साइट पहले ही दिन फेल होने से प्रक्रिया लागू नहीं हो पाई। पहले दिन साइट नहीं खुलने से बड़ी संख्या में तैयार माल बाहर नहीं जा सका।
विज्ञापन
उद्यमियों और व्यापारियों के निरंतर फोन बजने पर वाणिज्य कर कमिशभनर ने व्यवस्था में सुधार नहीं होने तक ई-वे बिल व्यवस्था को स्थगित कर दिया है। वाणिज्य कर के असिस्टेंट कमिशभनर नृपेंद्र सिंह सेंगर ने कहा ई-वे बिल में भले ही उद्यमियाें, व्यापारियों को फौरी तौर पर राहत मिल गई है, लेकिन केंद्र सरकार इस व्यवस्था में सुधार कर जल्द लागू करने की तैयारी कर रही है। विभाग को नया आदेश आने का इंतजार है।
विज्ञापन