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1788 आंगनबाड़ी केंद्रों की बदलेगी सूरत
Updated Tue, 16 Jan 2018 10:53 PM IST
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मैनपुरी। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत जल्द ही बदली हुई दिखाई देगी। चमचमाते हुए भवन और टाइल्स पर बैठकर पढ़ते बच्चे। यह आपको एक कहानी की तरह लग रही होगी लेकिन यह हकीकत में बदलने जा रही है। जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों का सौंदर्यीकरण भी शुरू हो चुका है।
सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार के लिए प्रयास कर रही है। केंद्रों के फर्श पर टाइल्स लगाने के साथ दीवारों को भी अच्छे रंग से रंगा जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ते समय अच्छा अनुभव मिल सके। इस कार्य के लिए सरकार ने 14वें वित्त से रुपया आवंटित भी कर दिया है। हालांकि इसके लिए अलग से कोई बजट नहीं भेजा गया है। लेकिन ग्राम पंचायत को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक गांव में बने आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रधान स्तर से टाइल्स बिछाने का कार्य किया जा रहा है। कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालयों का निमार्ण, हैडपंप रीबोर के साथ बाउंड्री भी लगाई जा रही है। इस कार्य के लिए शासन की ओर से कड़े निर्देश भी दिए गए हैं।
एक आंगनबाड़ी केंद्र पर टाइल्स बिछाने में लगभग 30 से 40 हजार रुपये का खर्चा आ रहा है। वहीं शौचालयों और बाउड्री निर्माण का खर्चा अलग है। इसे ग्राम पंचायत स्तर पर ही लगाया जा रहा है। जिले में वर्तमान में 1788 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 1742 आंगनबाड़ी कार्यकत्री कार्यरत हैं।
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जिले में 1788 केंद्रों में से 400 केंद्रों पर कार्य पूरा भी किया जा चुका है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर टाइल्स लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस वर्ष के अंत तक सभी केंद्रों पर टाइल्स लगाने का कार्य पूरा कर दिया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर टाइल्स लगाने के साथ शौचालयों का निर्माण और बाउंड्री ठीक कराने का कार्य भी किया जा रहा है। इसमें कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार के लिए प्रयास कर रही है। केंद्रों के फर्श पर टाइल्स लगाने के साथ दीवारों को भी अच्छे रंग से रंगा जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ते समय अच्छा अनुभव मिल सके। इस कार्य के लिए सरकार ने 14वें वित्त से रुपया आवंटित भी कर दिया है। हालांकि इसके लिए अलग से कोई बजट नहीं भेजा गया है। लेकिन ग्राम पंचायत को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक गांव में बने आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रधान स्तर से टाइल्स बिछाने का कार्य किया जा रहा है। कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालयों का निमार्ण, हैडपंप रीबोर के साथ बाउंड्री भी लगाई जा रही है। इस कार्य के लिए शासन की ओर से कड़े निर्देश भी दिए गए हैं।
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एक आंगनबाड़ी केंद्र पर टाइल्स बिछाने में लगभग 30 से 40 हजार रुपये का खर्चा आ रहा है। वहीं शौचालयों और बाउड्री निर्माण का खर्चा अलग है। इसे ग्राम पंचायत स्तर पर ही लगाया जा रहा है। जिले में वर्तमान में 1788 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 1742 आंगनबाड़ी कार्यकत्री कार्यरत हैं।
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जिले में 1788 केंद्रों में से 400 केंद्रों पर कार्य पूरा भी किया जा चुका है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर टाइल्स लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस वर्ष के अंत तक सभी केंद्रों पर टाइल्स लगाने का कार्य पूरा कर दिया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर टाइल्स लगाने के साथ शौचालयों का निर्माण और बाउंड्री ठीक कराने का कार्य भी किया जा रहा है। इसमें कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।