{"_id":"5a410f864f1c1bce6d8b60b5","slug":"161514213254-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुण्य फल्यौ परजन्य कौ बढ़ी माई कुल की बेल..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुण्य फल्यौ परजन्य कौ बढ़ी माई कुल की बेल..
Updated Mon, 25 Dec 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
Radha Krishna Temple
- फोटो : AmarUjala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नंदगांव (मथुरा)। विश्व प्रसिद्ध नगरी नंदगांव को अपने नाम से अमरत्व प्रदान करने वाले योगेश्वर श्रीकृष्ण के पिता नंदबाबा का जन्मदिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान विभन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
नंदगांव में पौष माह सुदी सप्तमी को नंदबाबा का जन्मदिवस धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि द्वापर में इस तिथि को ही भगवान श्रीकृष्ण के पिता नंदबाबा का जन्म हुआ था। परजन्यजी के नौ पुत्रों में से नंदबाबा पाचवें नंबर के थे। नंदबाबा और यशोदा मैया ने जगत के पालनहार श्रीकृष्ण का बाल्यावस्था में पालन पोषण किया था। सोमवार को नंदबाबा के जन्मोत्सव के दौरान श्री विग्रहाें को नई पोशाक धारण करा कर विशेष शृंगार धारण कराया।
समाजियों ने नंदभवन में समाजगायन किया। इस दौरान, ‘चलौ भैया उत जायें महर के कपड़ा कोटि लूटत हैं, बाबा मैं हूं तेरौ ढांड़ी लाला तनक दिखाय दियौ’ आदि पद गाए गए। रामशरण शर्मा कृत, ‘पुण्य फल्यौ सिरी परजन्य कौ बढ़ी माई कुल की बेल’ पद का भी गायन किया गया। इस दौरान साधु और ब्राह्मणों को भोजन कराया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्यलाभ कमाया।
विज्ञापन
कृष्ण-बलराम को सर्दी से बचाने को दी जा रही पौष्टिक खिचड़ी
नंदगांव। विश्व विख्यात नंदबाबा मंदिर में बालकृष्ण और बलराम सहित पूरे परिवार को शीत से बचाने को सेवायतों पूरे इंतजाम कर रहे हैं। कड़ाके की सर्दी से बचाने के लिए खानपान से लेकर पोशाकों तक का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। गर्भ ग्रह को गर्म रखने के लिए सुबह-शाम अंगीठी जलाई जा रही है। केसर, कस्तूरी और मेवों से युक्त पौष्टिक मीठी खिचड़ी शृंगार भोग में दी जा रही है।
रात में शयन भोग के दौरान दूध में केसर, सौंठ आदि डाल कर दोनों भाइयों सहित अन्य श्री विग्रहों को भोग लगाया जा रहा है। रुई से बनी बगलबंदी, फरगुल आदि पोशाकें धारण कराई जा रही हैं। शयन के दौरान रात में रजाई ओढ़ाई जाती है। ऐसे इत्रों का प्रयोग किया जा रहा है जो ठाकुर जी को सर्दी से राहत दिला सकें। वसंत लगने तक ठाकुर की इसी क्रम में सेवा जारी रहेगी।
दूर दराज तक पसंद की जाती है नंदभवन की मीठी खिचड़ी
नंदभवन की रसोई में बनी मीठी पौष्टिक खिचड़ी देश के कोने-कोने में रह रहे श्रद्धालु पसंद करते हैं। अपरस की रसोई में बनी खिचड़ी का स्वाद तो लाजवाब होता ही है, सेहत के लिए भी लाभकारी होती है। बताते हैं कि नंदभवन की रसोई में बनी खिचड़ी एक माह तक खराब नहीं होती। नंदभवन में प्रतिदिन शृंगार के दौरान 25 किलो खिचड़ी वितरित की जाती है।
विज्ञापन
नंदगांव में पौष माह सुदी सप्तमी को नंदबाबा का जन्मदिवस धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि द्वापर में इस तिथि को ही भगवान श्रीकृष्ण के पिता नंदबाबा का जन्म हुआ था। परजन्यजी के नौ पुत्रों में से नंदबाबा पाचवें नंबर के थे। नंदबाबा और यशोदा मैया ने जगत के पालनहार श्रीकृष्ण का बाल्यावस्था में पालन पोषण किया था। सोमवार को नंदबाबा के जन्मोत्सव के दौरान श्री विग्रहाें को नई पोशाक धारण करा कर विशेष शृंगार धारण कराया।
विज्ञापन
समाजियों ने नंदभवन में समाजगायन किया। इस दौरान, ‘चलौ भैया उत जायें महर के कपड़ा कोटि लूटत हैं, बाबा मैं हूं तेरौ ढांड़ी लाला तनक दिखाय दियौ’ आदि पद गाए गए। रामशरण शर्मा कृत, ‘पुण्य फल्यौ सिरी परजन्य कौ बढ़ी माई कुल की बेल’ पद का भी गायन किया गया। इस दौरान साधु और ब्राह्मणों को भोजन कराया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्यलाभ कमाया।
विज्ञापन
कृष्ण-बलराम को सर्दी से बचाने को दी जा रही पौष्टिक खिचड़ी
नंदगांव। विश्व विख्यात नंदबाबा मंदिर में बालकृष्ण और बलराम सहित पूरे परिवार को शीत से बचाने को सेवायतों पूरे इंतजाम कर रहे हैं। कड़ाके की सर्दी से बचाने के लिए खानपान से लेकर पोशाकों तक का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। गर्भ ग्रह को गर्म रखने के लिए सुबह-शाम अंगीठी जलाई जा रही है। केसर, कस्तूरी और मेवों से युक्त पौष्टिक मीठी खिचड़ी शृंगार भोग में दी जा रही है।
रात में शयन भोग के दौरान दूध में केसर, सौंठ आदि डाल कर दोनों भाइयों सहित अन्य श्री विग्रहों को भोग लगाया जा रहा है। रुई से बनी बगलबंदी, फरगुल आदि पोशाकें धारण कराई जा रही हैं। शयन के दौरान रात में रजाई ओढ़ाई जाती है। ऐसे इत्रों का प्रयोग किया जा रहा है जो ठाकुर जी को सर्दी से राहत दिला सकें। वसंत लगने तक ठाकुर की इसी क्रम में सेवा जारी रहेगी।
दूर दराज तक पसंद की जाती है नंदभवन की मीठी खिचड़ी
नंदभवन की रसोई में बनी मीठी पौष्टिक खिचड़ी देश के कोने-कोने में रह रहे श्रद्धालु पसंद करते हैं। अपरस की रसोई में बनी खिचड़ी का स्वाद तो लाजवाब होता ही है, सेहत के लिए भी लाभकारी होती है। बताते हैं कि नंदभवन की रसोई में बनी खिचड़ी एक माह तक खराब नहीं होती। नंदभवन में प्रतिदिन शृंगार के दौरान 25 किलो खिचड़ी वितरित की जाती है।