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बोरे में बंद मिले लोगों के आधार और पैन कार्ड
Updated Sun, 20 Aug 2017 12:13 AM IST
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डाकखाना
- फोटो : अमर उजाला
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सिरसागंज। शनिवार शाम जब बंदरों ने एक मकान की छत पर बोरे में रखे कागजों को सड़क पर फेंकते ही उखरेंड में हंगामा शुरू हो गया। वजह वे सारे कागज उखरेंड के लोगों के ही थे जो डाक विभाग को बांटने थे, लेकिन बांटे नहीं गए।
सिरसागंज के समीपवर्ती ग्राम उखरेंड में स्थित डाकखाने पर पिछले कई महीनों से न तो लोगों को अपने आधार कार्ड मिल रहे थे और न ही डाक से आने वाले प्रपत्र। लोग डाकखाने जाते तो और खाली हाथ लौटना पड़ता। लेकिन शनिवार को एक मकान की छत से एक कागजों से भरा हुआ बोरा जब लोगों के हाथ पड़ा, तो डाक विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
उस बोरे में सैकड़ों लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और एलआईसी की पॉलिसी भी शामिल थीं। कागजों की खबर जैसे ही उखरेंड में फैली, तो मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना है कि डाकखाना इंचार्ज राधामोहन की लापरवाही से कई युवाओं के नौकरी के लेटर नहीं मिल सके। वहीं कई लोगों ने आरोप लगाया कि डाकखाने में डाक वितरण के लिये एक प्राइवेट कर्मचारी पप्पू को रखा गया है।
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जो डाक बांटने के बजाय उसे बोरों में बंद करके रख देता था। लोगों का हंगामा बढ़ते देख मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार अरुण कुमार ने इन कागजातों को चौकी बाबा की शाला के इंचार्ज के सुपुर्द कर दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी और दोषियों पर प्रशासनिक स्तर पर कार्यवाही की जाएगी।
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सिरसागंज के समीपवर्ती ग्राम उखरेंड में स्थित डाकखाने पर पिछले कई महीनों से न तो लोगों को अपने आधार कार्ड मिल रहे थे और न ही डाक से आने वाले प्रपत्र। लोग डाकखाने जाते तो और खाली हाथ लौटना पड़ता। लेकिन शनिवार को एक मकान की छत से एक कागजों से भरा हुआ बोरा जब लोगों के हाथ पड़ा, तो डाक विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
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उस बोरे में सैकड़ों लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और एलआईसी की पॉलिसी भी शामिल थीं। कागजों की खबर जैसे ही उखरेंड में फैली, तो मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना है कि डाकखाना इंचार्ज राधामोहन की लापरवाही से कई युवाओं के नौकरी के लेटर नहीं मिल सके। वहीं कई लोगों ने आरोप लगाया कि डाकखाने में डाक वितरण के लिये एक प्राइवेट कर्मचारी पप्पू को रखा गया है।
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जो डाक बांटने के बजाय उसे बोरों में बंद करके रख देता था। लोगों का हंगामा बढ़ते देख मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार अरुण कुमार ने इन कागजातों को चौकी बाबा की शाला के इंचार्ज के सुपुर्द कर दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी और दोषियों पर प्रशासनिक स्तर पर कार्यवाही की जाएगी।