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पद्मश्री गीता चंद्रन ने की प्रभु की राग सेवा
Updated Tue, 13 Jun 2017 12:27 AM IST
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वृंदावन। ठाकुर राधारमण मंदिर में चल रहे ग्रीष्मकालीन सेवा महामहोत्सव के अंतर्गत रविवार देर शाम ठाकुर राधारमण लाल चर्तुवर्ग निकुंज में विराजे। पद्मश्री गीता चंद्रन ने नृत्य की प्रस्तुति देकर प्रभु की राग सेवा की।
सेवायत आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी जी ने बताया कि चर्तुवर्ग का तात्पर्य है चार वर्ग धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। अर्थात् चर्तुवर्ग निकुंज बनायी गई। इसमें ठाकुर राधारमण लाल ने दर्शन दिए। ठाकुरजी का दर्शन हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था।
देर रात तक चले कार्यक्रम में भरतनाट्यम शैली में नाट्यवृक्ष मंडली से पद्मश्री नृत्यांगना गीता चंद्रन ने श्रीकृष्ण चैतन्य महाप्रभु के शिक्षाष्टक में न भारतनाट्यम शैली में अद्भुत नृत्य प्रस्तुत किया। इसे देखकर श्रद्धालु आनंदित हो उठे।
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सेवायत आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी जी ने बताया कि चर्तुवर्ग का तात्पर्य है चार वर्ग धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। अर्थात् चर्तुवर्ग निकुंज बनायी गई। इसमें ठाकुर राधारमण लाल ने दर्शन दिए। ठाकुरजी का दर्शन हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था।
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देर रात तक चले कार्यक्रम में भरतनाट्यम शैली में नाट्यवृक्ष मंडली से पद्मश्री नृत्यांगना गीता चंद्रन ने श्रीकृष्ण चैतन्य महाप्रभु के शिक्षाष्टक में न भारतनाट्यम शैली में अद्भुत नृत्य प्रस्तुत किया। इसे देखकर श्रद्धालु आनंदित हो उठे।
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