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कल्पतरु ग्रुप घोटाले की जांच धीमी, निवेशकों में आक्रोश
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कासगंज। लाखों रुपये के निवेश घोटाले में फंसी कल्पतरु ग्रुप ऑफ कंपनी की जांच धीमी गति होने से निवेशकों में आक्रोश है। निवेशकों ने जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसपी को प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस अधीक्षक ने जांच सीओ सिटी को सौंपी है।
कल्पतरु ग्रुप ऑफ कंपनीज ने निवेशकों से प्लाट एवं एफडीआर आदि में धन जमा कराया। इसके बाद निवेशकों ने धन निकालना चाहा तो कंपनी संचालक कंपनी बंद कर फरार हो गए। मामले में पिछले साल 29 मई को पीड़ितों की तहरीर पर कासगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस इसकी विवेचना कर रही है, लेकिन निवेशकों का आरोप है कि मामले की जांच धीमी गति से हो रही है जिससे न्याय मिलता नहीं दिख रहा।
निवेशक राजकुमार का कहना है कि कल्पतरु कंपनी ने बड़ी संख्या में निवेशकों का धन कंपनी में निवेश कराया। निवेशकों को कम समय में धन दोगुना, एफडीआर पर अधिक ब्याज एवं प्लॉट के लिए किस्तों आदि अन्य कई स्कीमों का लाभ देने का वायदा किया। लेकिन बाद में कंपनी बंद हो गई और प्रबंधक व अन्य अधिकारी भी फरार हो गए। मामले की रिपोर्ट डायरेक्टर राकेश कुमार एवं प्रबंधक रघुनाथ सिंह सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कराई गई। लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। निवेशकों के जो दस्तावेज कंपनी में हैं कंपनी उन्हें भी नष्ट कर सकती है। निवेशकों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की विवेचना को गति दिलाई जाए। इससे पीड़ितों को न्याय मिल सके। मांग करने वाले पीड़ित निवेशकों में जितेंद्र कुमार, संजीव कुमार, देवेंद्रपाल सिंह, मानपाल सिंह, देवेंद्र मौर्य, रामप्रकाश, महेश, शमीम सुल्तान, राशिद, मुकेश चंद्र सहित अन्य शामिल हैं।
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- कल्पतरु ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ कासगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। निवेशकों में जांच में लापरवाही का आरोप लगाया है। विवेचक को नहीं बदला है बल्कि मामले की जांच सीओ सिटी को को देकर आख्या मांगी है। अशोक कुमार शुक्ल, एसपी।
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कल्पतरु ग्रुप ऑफ कंपनीज ने निवेशकों से प्लाट एवं एफडीआर आदि में धन जमा कराया। इसके बाद निवेशकों ने धन निकालना चाहा तो कंपनी संचालक कंपनी बंद कर फरार हो गए। मामले में पिछले साल 29 मई को पीड़ितों की तहरीर पर कासगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस इसकी विवेचना कर रही है, लेकिन निवेशकों का आरोप है कि मामले की जांच धीमी गति से हो रही है जिससे न्याय मिलता नहीं दिख रहा।
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निवेशक राजकुमार का कहना है कि कल्पतरु कंपनी ने बड़ी संख्या में निवेशकों का धन कंपनी में निवेश कराया। निवेशकों को कम समय में धन दोगुना, एफडीआर पर अधिक ब्याज एवं प्लॉट के लिए किस्तों आदि अन्य कई स्कीमों का लाभ देने का वायदा किया। लेकिन बाद में कंपनी बंद हो गई और प्रबंधक व अन्य अधिकारी भी फरार हो गए। मामले की रिपोर्ट डायरेक्टर राकेश कुमार एवं प्रबंधक रघुनाथ सिंह सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कराई गई। लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। निवेशकों के जो दस्तावेज कंपनी में हैं कंपनी उन्हें भी नष्ट कर सकती है। निवेशकों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की विवेचना को गति दिलाई जाए। इससे पीड़ितों को न्याय मिल सके। मांग करने वाले पीड़ित निवेशकों में जितेंद्र कुमार, संजीव कुमार, देवेंद्रपाल सिंह, मानपाल सिंह, देवेंद्र मौर्य, रामप्रकाश, महेश, शमीम सुल्तान, राशिद, मुकेश चंद्र सहित अन्य शामिल हैं।
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- कल्पतरु ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ कासगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। निवेशकों में जांच में लापरवाही का आरोप लगाया है। विवेचक को नहीं बदला है बल्कि मामले की जांच सीओ सिटी को को देकर आख्या मांगी है। अशोक कुमार शुक्ल, एसपी।