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शत्रु संपतियों पर भी भूमाफियाओं के कब्जे, बहुत सी संपतियां बेच डालीं
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मेडिकल कॉलेज की जमीन से छह लोगों ने हटाया कब्जा
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। जिले में भूमाफियाओं का जाल फैला हुआ है। सरकारी संपत्तियों पर ही नहीं बल्कि शत्रु संपत्तियों पर भी माफियाओं ने कब्जे कर लिए हैं। कब्जों के अलावा कई शत्रु संपत्तियां तो माफियाओं ने बेच डाली हैं। इस तरह के मामले प्रकाश में आने पर प्रशासन ने शत्रु संपत्तियों की जांच शुरू करा दी है। पालिका और राजस्व विभाग की टीमें लगाई गई हैं। संपत्तियों का चिह्नित करने के बाद प्रशासन कब्जा धारकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
वर्ष 2015 में शत्रु संपत्ति विभाग मुंबई की टीम जिले में जांच के लिए आई। जिले भर में तहसीलवार शत्रु संपत्तियों का चिह्नित किया और इसके बाद संपत्तियां तहसील प्रशासन को सुपुर्द कर दी। पूरा रिकॉर्ड भी तहसील प्रशासन को सौंपा। चिह्नित की गईं सभी शत्रु संपत्तियों पर भूमाफियाओं के कब्जे हैं। प्रशासन ने पाया है कि किसी भी संपत्ति पर सरकारी कब्जा नहीं है। तहसील प्रशासन के समक्ष कुछ प्रकरण ऐसे आए हैं जिनमें शत्रु संपत्तियों की बिक्री का जिक्र है। संपत्तियों की जांच के लिए उपजिलाधिकारी ने राजस्व और पालिका की टीमें गठित कर दी हैं। नगर क्षेत्र में नगरपालिका की टीम शत्रु संपत्तियों का चिह्नित करेगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में राजस्व विभाग की टीमें शत्रु संपत्तियां चिह्नित करेंगी। संपत्तियों का चिह्नित होने के बाद प्रशासन कब्जा धारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करेगा।
यहां हैं शत्रु संपत्तियां
कासगंज। सदर तहसील में टंडोली माफी, घिनौना, मुबारिकपुर माफी, मुबारिकपुर सिगतरा, भिटौना, नरायनी, तालेसराय, किनावा, रहमतपुर माफी, बिलराम, ढोलना, वाहिदपुर माफी, खिरिया ग्रामों में 206 परिसंपत्तिया चिह्नित की गई। सहावर के बेहटा, परतापुर, चीथरा, जाटऊ अशोकपुर व कसबा सहावर में कुल 27 परिसंपत्तियां एवं पटियाली तहसील क्षेत्र में ग्राम सुनहरा, भुजपुरा, चकपाड़ा, रसूलपुर बुजुर्ग, जलालपुर, चकतराई तथा बिलासबंास में 13 संपत्ति चिंहित की गई।
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आंकड़े की नजर से-
- 246 शत्रु संपत्तियां हैं जिले में।
- 50 हेक्टेयर से अधिक है शत्रु संपत्तियों का क्षेत्रफल।
- 10 करोड़ रुपये से अधिक है कीमत।
- 12 से अधिक संपत्तियां की जा चुकी बिक्री।
- नगरपालिका और राजस्व विभाग की टीम को जांच में लगाया गया है। सभी शत्रु संपत्तियों का चिह्नित कराया जाएगा। जिन संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं हटवाए जाएंगे। ललित कुमार, एसडीएम।
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वर्ष 2015 में शत्रु संपत्ति विभाग मुंबई की टीम जिले में जांच के लिए आई। जिले भर में तहसीलवार शत्रु संपत्तियों का चिह्नित किया और इसके बाद संपत्तियां तहसील प्रशासन को सुपुर्द कर दी। पूरा रिकॉर्ड भी तहसील प्रशासन को सौंपा। चिह्नित की गईं सभी शत्रु संपत्तियों पर भूमाफियाओं के कब्जे हैं। प्रशासन ने पाया है कि किसी भी संपत्ति पर सरकारी कब्जा नहीं है। तहसील प्रशासन के समक्ष कुछ प्रकरण ऐसे आए हैं जिनमें शत्रु संपत्तियों की बिक्री का जिक्र है। संपत्तियों की जांच के लिए उपजिलाधिकारी ने राजस्व और पालिका की टीमें गठित कर दी हैं। नगर क्षेत्र में नगरपालिका की टीम शत्रु संपत्तियों का चिह्नित करेगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में राजस्व विभाग की टीमें शत्रु संपत्तियां चिह्नित करेंगी। संपत्तियों का चिह्नित होने के बाद प्रशासन कब्जा धारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करेगा।
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यहां हैं शत्रु संपत्तियां
कासगंज। सदर तहसील में टंडोली माफी, घिनौना, मुबारिकपुर माफी, मुबारिकपुर सिगतरा, भिटौना, नरायनी, तालेसराय, किनावा, रहमतपुर माफी, बिलराम, ढोलना, वाहिदपुर माफी, खिरिया ग्रामों में 206 परिसंपत्तिया चिह्नित की गई। सहावर के बेहटा, परतापुर, चीथरा, जाटऊ अशोकपुर व कसबा सहावर में कुल 27 परिसंपत्तियां एवं पटियाली तहसील क्षेत्र में ग्राम सुनहरा, भुजपुरा, चकपाड़ा, रसूलपुर बुजुर्ग, जलालपुर, चकतराई तथा बिलासबंास में 13 संपत्ति चिंहित की गई।
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आंकड़े की नजर से-
- 246 शत्रु संपत्तियां हैं जिले में।
- 50 हेक्टेयर से अधिक है शत्रु संपत्तियों का क्षेत्रफल।
- 10 करोड़ रुपये से अधिक है कीमत।
- 12 से अधिक संपत्तियां की जा चुकी बिक्री।
- नगरपालिका और राजस्व विभाग की टीम को जांच में लगाया गया है। सभी शत्रु संपत्तियों का चिह्नित कराया जाएगा। जिन संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं हटवाए जाएंगे। ललित कुमार, एसडीएम।