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जांच में घेरे में आए शिक्षक लगा रहे सरकारी खजाने को चपत
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कासगंज। जिले में तैनात 97 शिक्षक सरकारी खजाने को चपत लगा रहे हैं। शासन ने अभी तक इन शिक्षकों की सेवा समाप्ति तो दूर वेतन रोकने तक के निर्देश नहीं दिए हैं। शासन से दिशा निर्देश न मिल पाने से शिक्षा विभाग के हाथ भी बंधे हैं। विभाग इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004 में फर्जी डिग्री हासिल कर प्रदेश भर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षक बन गए। एसआईटी की जांच में ऐसे शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। विश्वविद्यालय में इनके किसी प्रकार के अभिलेख नहीं मिले। डेढ़ साल पहले एसआईटी ने शिक्षकों की सूची की सीडी शिक्षा विभाग को भेजी।
विभाग की जांच में मामला सही पाया गया लेकिन कोर्ट में मामला चले जाने पर कार्रवाई रुक गई। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के एसआईटी ने फिर से फर्जी शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार करके सीडी विभाग को भेजी। अब सीडी की जांच में पूर्व में चिह्नित सभी नाम पाए गए। इस प्रक्रिया को तीन माह से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक इन शिक्षकों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो सकी है। बेसिक शिक्षा परिषद की उदासीनता से ये शिक्षक प्रतिमाह लाखों रुपये का वेतन पा रहे हैं।
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शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में अभी तक शासन से किसी प्रकार के दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
- अंजली अग्रवाल, बीएसए
डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004 में फर्जी डिग्री हासिल कर प्रदेश भर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षक बन गए। एसआईटी की जांच में ऐसे शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। विश्वविद्यालय में इनके किसी प्रकार के अभिलेख नहीं मिले। डेढ़ साल पहले एसआईटी ने शिक्षकों की सूची की सीडी शिक्षा विभाग को भेजी।
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विभाग की जांच में मामला सही पाया गया लेकिन कोर्ट में मामला चले जाने पर कार्रवाई रुक गई। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के एसआईटी ने फिर से फर्जी शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार करके सीडी विभाग को भेजी। अब सीडी की जांच में पूर्व में चिह्नित सभी नाम पाए गए। इस प्रक्रिया को तीन माह से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक इन शिक्षकों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो सकी है। बेसिक शिक्षा परिषद की उदासीनता से ये शिक्षक प्रतिमाह लाखों रुपये का वेतन पा रहे हैं।
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शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में अभी तक शासन से किसी प्रकार के दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
- अंजली अग्रवाल, बीएसए