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126 प्रधान और सचिवों को शौचालय निर्माण न कराने पर नोटिस
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शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। बेसलाइन सर्वे के आधार पर सभी ग्राम प्रधानों ने शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण होने का प्रमाण पत्र दिया था, लेकिन निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों में कहीं शौचालय गायब मिल रहे हैं तो कहीं अूधरे हैं। ऐसे ही एक सैकड़ा से अधिक ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किया गया है।
बेसलाइन सर्वे के आधार पर जिले में लगभग तीन माह पहले ही शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण हो गया था। इसकी पुष्टि के लिए ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने शौचालय पूर्ण होने का प्रमाण पत्र भी दिया था, लेकिन अब जब नोडल अधिकारी गांव-गांव जाकर शौचालय निर्माण की समीक्षा कर रहे हैं तो हालात चौंकाने वाले हैं। कहीं शौचालय बने ही नहीं है तो कहीं अधूरे पड़े हैं। ऐसे ही 126 ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट नोडल अधिकारी ने डीपीआरओ को सौंपी थी।
जिसके बाद डीपीआरओ ने इन ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को 95जी का नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एक सप्ताह के अंदर उन्हें मय साक्ष्य के अपना जवाब उपलब्ध कराना होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नोटिस जारी होने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान कार्यालय में फोन कर होने वाली कार्रवाई की जानकारी जुटा रहे हैं। वहीं विभाग एफआईआर दर्ज कराने का मन बना चुका है।
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बेसलाइन सर्वे के आधार पर जिले में लगभग तीन माह पहले ही शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण हो गया था। इसकी पुष्टि के लिए ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने शौचालय पूर्ण होने का प्रमाण पत्र भी दिया था, लेकिन अब जब नोडल अधिकारी गांव-गांव जाकर शौचालय निर्माण की समीक्षा कर रहे हैं तो हालात चौंकाने वाले हैं। कहीं शौचालय बने ही नहीं है तो कहीं अधूरे पड़े हैं। ऐसे ही 126 ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट नोडल अधिकारी ने डीपीआरओ को सौंपी थी।
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जिसके बाद डीपीआरओ ने इन ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को 95जी का नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एक सप्ताह के अंदर उन्हें मय साक्ष्य के अपना जवाब उपलब्ध कराना होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नोटिस जारी होने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान कार्यालय में फोन कर होने वाली कार्रवाई की जानकारी जुटा रहे हैं। वहीं विभाग एफआईआर दर्ज कराने का मन बना चुका है।
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