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मानसिक ताप से पीड़ित व्यक्ति के लिए सत्संग मरहम
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आश्रम
- फोटो : demo
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मैनपुरी। नगर के कबीर आश्रम में प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आश्रम के महंत ने भक्तों को मानव जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मानसिक और शारीरिक विकार पर भी प्रकाश डाला गया। महंत अमर साहेब ने रज्जो देवी कबीर आश्रम पर प्रवचन के दौरान कहा कि मानसिक ताप से पीड़ित व्यक्ति के लिए सत्संग मरहम की तरह होता है। जिस प्रकार से तपती जमीन को वर्षा का जल मिलने पर राहत मिलती है, उसी प्रकार से पीड़ित व्यक्ति को सत्संग से राहत प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि मानव के जीवन में जब जल का महत्व है, ऑक्सीजन का महत्व है भोजन का महत्व है तो भजन का महत्व क्यों नहीं। जिस प्रकार शरीर से सारे विकार बाहर होते हैं वैसे ही मानसिक शांति के लिए सत्संग जरूरी है। सत्संग मन के विकारों को दूर करता है। उन्होंने अपील की कि शुद्ध सत्संग की महिमा के द्वारा अपना मन और जीवन शुद्ध बना सकते हैं। जिस हृदय से प्रेम रस की धारा न बहती हो भक्ति सेवा का भाव न टपकता हो, देश के प्रति समर्पण न हो ऐसे व्यक्ति के हृदय पर सत्संग का प्रभाव पडना भी मुश्किल है। यहां कार्यक्रम के दौरान मौजूद भक्तों ने भजन भी प्रस्तुत किए।
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उन्होंने कहा कि मानव के जीवन में जब जल का महत्व है, ऑक्सीजन का महत्व है भोजन का महत्व है तो भजन का महत्व क्यों नहीं। जिस प्रकार शरीर से सारे विकार बाहर होते हैं वैसे ही मानसिक शांति के लिए सत्संग जरूरी है। सत्संग मन के विकारों को दूर करता है। उन्होंने अपील की कि शुद्ध सत्संग की महिमा के द्वारा अपना मन और जीवन शुद्ध बना सकते हैं। जिस हृदय से प्रेम रस की धारा न बहती हो भक्ति सेवा का भाव न टपकता हो, देश के प्रति समर्पण न हो ऐसे व्यक्ति के हृदय पर सत्संग का प्रभाव पडना भी मुश्किल है। यहां कार्यक्रम के दौरान मौजूद भक्तों ने भजन भी प्रस्तुत किए।
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