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जीएसटी की खामियों के विरोध में व्यापारी मुख्यालय पर देंगे धरना
Updated Sat, 30 Jun 2018 11:49 PM IST
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जीएसटी की खामियों के विरोध में व्यापारी मुख्यालय पर देंगे धरना
- मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौपेंगे व्यापारी, खामियों में सुधार की करेंगे मांग
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। जीएसटी में खामियों के विरोध में व्यापारी तीन जुलाई को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपा जाएगा। यह जानकारी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल मैनेजर ने दी। महानगर अध्यक्ष अंबेश शर्मा ने कहा कि जनपद में बड़ी कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर अपने वाहनों से प्रतिदिन शहर और देहात क्षेत्र में जाते हैं। माल बिकने पर उसका वहीं बिल काटा जाता है। वाहन पर अधिकतम 50 हजार का माल होता है। ऐेसे में जनपद की सीमा को ई-वे बिल से मुक्त किया जाए। गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश में इसे मुक्त कर दिया गया है। महामंत्री हरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि ई-वे बिल की कापी न होने पर भी माल को जब्त न किया जाए। जीएसटी में समाधान योजना के लिए एक करोड़ से बढ़ा कर डेढ़ करोड़ की घोषणा की गई थी लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने कहा कि ई-वे बिल पार्ट बी भरने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्टर की होनी चाहिए। यदि ट्रांसपोर्टर नहीं भरता है तो उस पर पेनल्टी लगनी चाहिए। इन्हीं सब खामियों को लेकर व्यापारी तीन जुलाई जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। इस दौरान संजीव पोरवाल, मानसिंह राठौर, अभिषेक जैन, धीरज वर्मा, राहुल अग्रवाल, कमलेश शर्मा शामिल रहे।
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- मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौपेंगे व्यापारी, खामियों में सुधार की करेंगे मांग
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। जीएसटी में खामियों के विरोध में व्यापारी तीन जुलाई को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपा जाएगा। यह जानकारी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल मैनेजर ने दी। महानगर अध्यक्ष अंबेश शर्मा ने कहा कि जनपद में बड़ी कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर अपने वाहनों से प्रतिदिन शहर और देहात क्षेत्र में जाते हैं। माल बिकने पर उसका वहीं बिल काटा जाता है। वाहन पर अधिकतम 50 हजार का माल होता है। ऐेसे में जनपद की सीमा को ई-वे बिल से मुक्त किया जाए। गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश में इसे मुक्त कर दिया गया है। महामंत्री हरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि ई-वे बिल की कापी न होने पर भी माल को जब्त न किया जाए। जीएसटी में समाधान योजना के लिए एक करोड़ से बढ़ा कर डेढ़ करोड़ की घोषणा की गई थी लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने कहा कि ई-वे बिल पार्ट बी भरने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्टर की होनी चाहिए। यदि ट्रांसपोर्टर नहीं भरता है तो उस पर पेनल्टी लगनी चाहिए। इन्हीं सब खामियों को लेकर व्यापारी तीन जुलाई जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। इस दौरान संजीव पोरवाल, मानसिंह राठौर, अभिषेक जैन, धीरज वर्मा, राहुल अग्रवाल, कमलेश शर्मा शामिल रहे।