फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   चीफ फार्मासिस्ट के बेट सहित पांच को डेंगू

चीफ फार्मासिस्ट के बेट सहित पांच को डेंगू

Tue, 16 Oct 2018 10:41 PM IST
Updated Tue, 16 Oct 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
चीफ फार्मासिस्ट के बेट सहित पांच को डेंगू
dengue
एटा। डेंगू के डंक की चपेट में प्रतिदिन मरीज आ रहे हैं। जिले में अब तक 25 से अधिक मरीजों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। गांव से लेकर नगर तक महिला पुरुष मलेरिया, टाइफाइड से पीड़ित है। मंगलवार को जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट के बेटे सहित पांच लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। सभी का उपचार निजी अस्पतालों में चल रहा है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में मंगलवार को मरीजों की भारी भीड़ जुट रही है। विभिन्न बीमारियों से जूझने वाले मरीजों की जांच भी कराई गई। इसमें सबसे ज्यादा बुखार, मलेरिया और टाइफाइड के मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें सात मरीजों की डेंगू जांचे भी कराई गई। इनमें आरके त्रिपाठी पुत्र गजेंद्र सिंह निवासी पुरानी बस्ती, मनु पुत्र राकेश कुमार निवासी बापू नगर एटा, संतोष पचौरी पुत्र रामप्रकाश निवासी महाराणा प्रताप नगर, योगेंद्र पुत्र किशनपाल निवासी हीरापुर और जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट एसके दीक्षित का बेटा हिमांशु दीक्षित में भी डेंगू की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य कर्मी एसके दीक्षित अपने बेटे का उपचार जिला अस्पताल में ही करा रहे हैं। वहीं अन्य डेंगू पीड़ितों के परिजन शहर के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
विज्ञापन


जिला अस्पताल को डेंगू की एसीटी किट (पूरा कोर्स) पर्याप्त मात्रा में है। डेंगू से पीड़ित लोगों जिला अस्पताल में बेहतर दवाओं के साथ उपचार करा सकते हैं। उन्हें परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ

डेंगू के लक्षण
- ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना
- सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना
- आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ जाता है
- बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मिचलाना और मुंह का स्वाद खराब होना
- गले में हल्का-सा दर्द होना
शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना
- नाक और मसूड़ों से खून आना
- शौच या उलटी में खून आना
- स््किन पर गहरे नीले-काले रंग के छोटे या बड़े चिकत्ते पड़ जाना

उपचार
-डॉक्टर की सलाह लेकर पैरासिटामोल (क्रोसिन आदि) ले सकते हैं।
-एस्प्रिन (डिस्प्रिन आदि) बिल्कुल न लें। इनसे प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं।
-अगर बुखार 102 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा है तो मरीज के शरीर पर पानी की पट्टियां डखें।
-सामान्य रूप से खाना देना जारी रखें। बुखार की हालत में शरीर को और ज्यादा खाने की जरूरत होती है।
-मरीज को आराम करने दें।

बचाव
- ठंडा पानी न पीएं, मैदा और बासी खाना न खाएं।
- खाने में हल्दी, अजवाइन, अदरक, हींग का ज्यादा-से-ज्यादा इस्तेमाल करें।
- इस मौसम में पत्ते वाली सब्जियां, अरबी, फूलगोभी न खाएं।
- हल्का खाना खाएं, जो आसानी से पच सके।
- पूरी नींद लें, खूब पानी पीएं और पानी को उबालकर पीएं।
- मिर्च मसाले और तला हुआ खाना न खाएं, भूख से कम खाएं, पेट भर न खाएं।
- खूब पानी पीएं। छाछ, नारियल पानी, नीबू पानी आदि खूब पिएं।
- बीमारी से बचने के लिए फिजिकली फिट, मेंटली स्ट्रॉन्ग और इमोशनली बैलेंस रहें।
- अच्छा खाएं, अच्छा पीएं और अच्छी नींद ले।
- नाक के अंदर की तरफ सरसों का तेल लगाकर रखें। इससे तेल की चिकनाहट बाहर से बैक्टीरिया को नाक के अंदर जाने से रोकती है।
- खाने में हल्दी का इस्तेमाल ज्यादा करें। सुबह आधा चम्मच हल्दी पानी के साथ या रात को आधा चम्मच हल्दी एक गिलास दूध या के साथ लें। लेकिन अगर आपको
- नजला, जुकाम या कफ आदि है तो दूध न लें। तब आप हल्दी को पानी के साथ ले सकते हैं।
- आठ-दस तुलसी के पत्तों का रस शहद के साथ मिलाकर लें या तुलसी के 10 पत्तों को पौने गिलास पानी में उबालें, जब वह आधा रह जाए तब उस पानी को पीएं।
- विटामिन-सी से भरपूर चीजों का ज्यादा सेवन करें जैसे : एक दिन में दो आंवले, संतरे या मौसमी ले सकते हैं। यह हमारे इम्यून सिस्टम को सही रखता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed