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ऋण मोचन योजना: पहले अपात्र अब पात्र बन गए किसान
Updated Fri, 11 May 2018 11:31 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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एटा। पहले वे अपात्र थे, उनका फसली ऋण योजना की सूची में नाम नहीं था। खूब छटपटाए, हर चौखट को खटखटाया, लेकिन किसी ने सुना नहीं। लेखपाल ने रिपोर्ट लगा दी और तमाम पात्र किसानों के लिए फसली ऋण महज धोखा बनकर रह गई।
लेकिन सरकार की आनलाइन पहल ने किसानों की उम्मीदों को जगाया। आलम यह रहा कि शिकायत पोर्टल के जरिए जिले में तमाम किसान ऐसे सामने आए, जिन्हें पहली सूची में अपात्र बना दिया गया था। अब ऐसे किसानों को फसली ऋण मोचन योजना का लाभ देने की तैयारी है।
प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण फसल ऋण मोचन योजना में पहले जिले के 42617 किसानों का 285.43 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया था। कई चरणों के सत्यापन के बाद किसानों को योजना से लाभान्वित किया गया। मगर इस बीच तमाम किसान ऐसे रह गए, जो पात्र थे।
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लेखपालों की गलत आख्याओं के चलते किसान योजना का हिस्सा नहीं बन सके। इसके बाद सरकार ने योजना से वंचित रहने वाले किसानों के लिए आनलाइन शिकायत की व्यवस्था शुरू की। जिले में आठ हजार से अधिक किसानों ने शिकायत दर्ज कराई।
जिनका सत्यापन राजस्व विभाग और कृषि विभाग द्वारा कराया गया तो 8171 किसान पात्र पाए गए। ऋण माफी योजना से वंचित किसानों का चयन शासन स्तर पर हो गया है। जिले के चयनित किसानों को 55 करोड़ 2 लाख 29 हजार 14 रुपये से लाभान्वित किया जाएगा।
इनका कहना है कि ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने वालों जनरल के 7555, एसी के 545 व एसटी के 71 किसान शामिल किए गए हैं। एससी के किसानों की ऋण माफी तीन करोड़ 69 लाख 6 हजार 355 रुपये माफ किए गए हैं।
वहीं एसटी के 49 लाख 35 हजार 211 रुपये से किसान लाभान्वित हुए हैं। जिला कृषि अधिकारी डा. सर्वेश कुमार यादव बताते हैं कि फसल ऋण मोचन योजना के तहत वंचित रहे किसानों की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इनको जल्द लाभ दिया जाएगा।
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लेकिन सरकार की आनलाइन पहल ने किसानों की उम्मीदों को जगाया। आलम यह रहा कि शिकायत पोर्टल के जरिए जिले में तमाम किसान ऐसे सामने आए, जिन्हें पहली सूची में अपात्र बना दिया गया था। अब ऐसे किसानों को फसली ऋण मोचन योजना का लाभ देने की तैयारी है।
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प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण फसल ऋण मोचन योजना में पहले जिले के 42617 किसानों का 285.43 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया था। कई चरणों के सत्यापन के बाद किसानों को योजना से लाभान्वित किया गया। मगर इस बीच तमाम किसान ऐसे रह गए, जो पात्र थे।
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लेखपालों की गलत आख्याओं के चलते किसान योजना का हिस्सा नहीं बन सके। इसके बाद सरकार ने योजना से वंचित रहने वाले किसानों के लिए आनलाइन शिकायत की व्यवस्था शुरू की। जिले में आठ हजार से अधिक किसानों ने शिकायत दर्ज कराई।
जिनका सत्यापन राजस्व विभाग और कृषि विभाग द्वारा कराया गया तो 8171 किसान पात्र पाए गए। ऋण माफी योजना से वंचित किसानों का चयन शासन स्तर पर हो गया है। जिले के चयनित किसानों को 55 करोड़ 2 लाख 29 हजार 14 रुपये से लाभान्वित किया जाएगा।
इनका कहना है कि ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने वालों जनरल के 7555, एसी के 545 व एसटी के 71 किसान शामिल किए गए हैं। एससी के किसानों की ऋण माफी तीन करोड़ 69 लाख 6 हजार 355 रुपये माफ किए गए हैं।
वहीं एसटी के 49 लाख 35 हजार 211 रुपये से किसान लाभान्वित हुए हैं। जिला कृषि अधिकारी डा. सर्वेश कुमार यादव बताते हैं कि फसल ऋण मोचन योजना के तहत वंचित रहे किसानों की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इनको जल्द लाभ दिया जाएगा।