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गैर इरादतन हत्या के मामले में चार को आजीवन कारावास
Updated Sat, 28 Apr 2018 11:05 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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कासगंज। जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश त्रिपाठी ने गैर इरादतन हत्या के मामले में चार आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं अलग-अलग धाराओं में अर्थदंड आरोपित किया है।
सहावर थाना क्षेत्र के नगला सुमेर में विगत 19 दिसबंर सुबह करीब आठ बजे दीपक के साथ आरोपी मोहनलाल, देवेंद्र, बाबू एवं धारा निवासीगण बढ़ारीखुर्द ने लाठी डंडों से मारपीट कर दी थी। मारपीट में दीपक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उपचार के दौरान दीपक की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी पक्ष की युवती के साथ छेड़छाड़ करने पर आरोपियों ने दीपक को पीटा था। मामले में आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्याओं की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। चारों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने अरोप पत्र दाखिल किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश त्रिपाठी ने शनिवार को मामले में फैसला सुनाया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेश चंद्र गोला ने आरोपियों को अधिकतम सजा की मांग करते हुए तर्क प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपियों के बचाव और कम सजा के लिए बहस की। जिला जज ने साक्ष्य और परिस्थितियों को संज्ञान लेते हुए घटना को विरल से विरलतम की श्रेणी में माना। चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए धारा 452 में 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया। वहीं गैर इरादतन हत्या की धारा में दोषी मानते हुए चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया। जिला जज ने अपने निर्णय में कहा कि अर्थदंड की धनराशि 60 हजार रुपये की धनराशि मृतक दीपक के भाई सुनील कुमार को बतौर प्रतिकर दी जाए।
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सहावर थाना क्षेत्र के नगला सुमेर में विगत 19 दिसबंर सुबह करीब आठ बजे दीपक के साथ आरोपी मोहनलाल, देवेंद्र, बाबू एवं धारा निवासीगण बढ़ारीखुर्द ने लाठी डंडों से मारपीट कर दी थी। मारपीट में दीपक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उपचार के दौरान दीपक की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी पक्ष की युवती के साथ छेड़छाड़ करने पर आरोपियों ने दीपक को पीटा था। मामले में आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्याओं की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। चारों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने अरोप पत्र दाखिल किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश त्रिपाठी ने शनिवार को मामले में फैसला सुनाया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेश चंद्र गोला ने आरोपियों को अधिकतम सजा की मांग करते हुए तर्क प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपियों के बचाव और कम सजा के लिए बहस की। जिला जज ने साक्ष्य और परिस्थितियों को संज्ञान लेते हुए घटना को विरल से विरलतम की श्रेणी में माना। चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए धारा 452 में 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया। वहीं गैर इरादतन हत्या की धारा में दोषी मानते हुए चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया। जिला जज ने अपने निर्णय में कहा कि अर्थदंड की धनराशि 60 हजार रुपये की धनराशि मृतक दीपक के भाई सुनील कुमार को बतौर प्रतिकर दी जाए।
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