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संदिग्ध हालात में जंगल में मरे मिले 13 मोर
Updated Sun, 10 Dec 2017 07:59 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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जैंत/चौमुंहा (मथुरा)। छटीकरा स्थित गरुण गोविंद मंदिर के पास जंगल में शनिवार की रात 13 मोर (राष्ट्रीय पक्षी) मरे पाए गए। इतनी संख्या में मोर मरने की खबर सुन पुलिस एवं वन विभाग के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस और वन विभाग की टीम जांच में जुट गई है। जांच टीम ने खेत की मिट्टी और सरसों की फसल के फूलों का नमूना लेकर जांच को भेजा है। पुलिस ने मरे पक्षियों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मोरों की मौत संदिग्ध मानी जा रही है। वन विभाग में भी हड़कंप मचा है।
हाईवे से महज पांच सौ मीटर दूर छटीकरा-नगला रामताल रोड पर भगवती के खेत के निकट रविवार की सुबह जंगल की ओर गए कुछ लोगों को 13 मोर मरे दिखे। उन्होंने आसपास के लोगों को मोरों के मरने की जानकारी दी। इसकी सूचना किसी राहगीर ने यूपी 100 को दी। पुलिस ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया।
इसके बाद सीओ सदर विजय शंकर मिश्रा, चौकी प्रभारी जैंत चतर सिंह एवं वन विभाग के रेंजर अशोक घटना स्थल पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम ने मोरों के शव को जांच के लिए भेज दिया है। खेत की मिट्टी औऱ सरसों के फूल की जांच कराने के लिए नमूना लिए है। चौकी प्रभारी चतर सिंह ने बताया कि मोरों की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कई बार अलग-अलग स्थानों पर मोरों की संदिग्ध मौत हो चुकी है।
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हाईवे से महज पांच सौ मीटर दूर छटीकरा-नगला रामताल रोड पर भगवती के खेत के निकट रविवार की सुबह जंगल की ओर गए कुछ लोगों को 13 मोर मरे दिखे। उन्होंने आसपास के लोगों को मोरों के मरने की जानकारी दी। इसकी सूचना किसी राहगीर ने यूपी 100 को दी। पुलिस ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया।
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इसके बाद सीओ सदर विजय शंकर मिश्रा, चौकी प्रभारी जैंत चतर सिंह एवं वन विभाग के रेंजर अशोक घटना स्थल पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम ने मोरों के शव को जांच के लिए भेज दिया है। खेत की मिट्टी औऱ सरसों के फूल की जांच कराने के लिए नमूना लिए है। चौकी प्रभारी चतर सिंह ने बताया कि मोरों की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कई बार अलग-अलग स्थानों पर मोरों की संदिग्ध मौत हो चुकी है।
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