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बूंदाबांदी से सख्त हुए सर्दी के तेवर
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:25 PM IST
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ठंड
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। दो दिनों से आकाश में छाए बादलों ने मंगलवार की दोपहर बारिश कर मौसम में ठंडक बढ़ा दी। हल्की बारिश से ही कंपकंपी वाली सर्दी का एहसास होने लगा। वहीं बूंदाबांदी की वजह से दोपहर बाद बाजारों में चहल-पहल भी कम हो गई। इस दौरान छुट्टी के बाद स्कूल से लौट रहे नौनिहालों को परेशानी झेलनी पड़ी। वे ठिठुरते हुए घर लौटे। साथ ही बारिश ने किसानों की धड़कनें भी बढा दी हैं।
दो दिनों से आसमान में बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही थी। वहीं मंगलवार को हल्की बारिश के कारण जनजीवन पर भी प्रभाव पड़ा। दोपहर को हल्की बारिश होने से किसानों की धड़कनें और भी बढ़ गईं। इस दौरान जहां एक तरफ उन्हें खेती में नुकसान की चिंता सता रही थी।
वहीं दूसरी ओर खुले में रखे धान के खराब होने को लेकर वे परेशान दिखे। हालांकि गनीमत रही बारिश तेज नहीं हुई। इससे किसानों ने थोड़ी राहत महसूस की है। पर, वे चिंतित हैं कि अभी भी आसमान में बादल हैं। कहीं तेज बारिश हो गई, तो यह उनके लिए बड़ी मुसीबत लेकर आएगी।
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किसान मोहनलाल ने बताया कि धान मंडी में बिकने के लिए खुले पड़ा है। बारिश होने से धान भीग जाएगा। इसके बाद धान को खरीदने वाले व्यापारी भी कीमत कम लगाएंगे। धान खराब होने से काफी नुकसान होगा।
वहीं किसान राम खिलाड़ी का कहना है कि खेत में आलू फसल की बुवाई तो हो चुकी है। इसलिए बारिश से कोई नुकसान नहीं हैं। लेकिन गेंहू की बुवाई चार दिन पहले ही हो सकी है। बारिश होने से उसके न उगने की चिंता सता रही है।
कृषि अधिकारी गगनदीप सिंह ने बताया कि अभी बारिश होने से जिन किसानों के खेत में बुवाई पहले हो गई हैं। उन्हें तो फयदा होगा। लेकिन देरी से बुवाई करने वाले किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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दो दिनों से आसमान में बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही थी। वहीं मंगलवार को हल्की बारिश के कारण जनजीवन पर भी प्रभाव पड़ा। दोपहर को हल्की बारिश होने से किसानों की धड़कनें और भी बढ़ गईं। इस दौरान जहां एक तरफ उन्हें खेती में नुकसान की चिंता सता रही थी।
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वहीं दूसरी ओर खुले में रखे धान के खराब होने को लेकर वे परेशान दिखे। हालांकि गनीमत रही बारिश तेज नहीं हुई। इससे किसानों ने थोड़ी राहत महसूस की है। पर, वे चिंतित हैं कि अभी भी आसमान में बादल हैं। कहीं तेज बारिश हो गई, तो यह उनके लिए बड़ी मुसीबत लेकर आएगी।
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किसान मोहनलाल ने बताया कि धान मंडी में बिकने के लिए खुले पड़ा है। बारिश होने से धान भीग जाएगा। इसके बाद धान को खरीदने वाले व्यापारी भी कीमत कम लगाएंगे। धान खराब होने से काफी नुकसान होगा।
वहीं किसान राम खिलाड़ी का कहना है कि खेत में आलू फसल की बुवाई तो हो चुकी है। इसलिए बारिश से कोई नुकसान नहीं हैं। लेकिन गेंहू की बुवाई चार दिन पहले ही हो सकी है। बारिश होने से उसके न उगने की चिंता सता रही है।
कृषि अधिकारी गगनदीप सिंह ने बताया कि अभी बारिश होने से जिन किसानों के खेत में बुवाई पहले हो गई हैं। उन्हें तो फयदा होगा। लेकिन देरी से बुवाई करने वाले किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।