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गार्ड की हत्या से भड़के लोग, नहीं उठने दिया शव
Updated Tue, 05 Dec 2017 08:07 PM IST
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मौके पर मौजूद पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन (मथुरा)। गोपालगढ़ गांव में गार्ड की हत्या से भड़के लोगों में वृंदावन पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश था। पुलिस पर खूब आरोप लगे। ग्रामीणों ने गार्ड के शव को घर के पास चौराहे पर रख दिया। परिवारवालों ने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाएंगे वह शव नहीं उठने देंगे। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट ने शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा देकर लोगों को शांत किया। बाद में भारी पुलिस फोर्स के बीच अंतिम संस्कार कराया गया।
सोमवार की शाम गांव गोपालगढ़ निवासी रतन लाल गार्ड की गांव में प्राइमरी स्कूल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद आरोपियों के तीन मकान फूंकदिए गए। हंगामे के कारण पुलिस ने देर रात ही पंचनामा भर कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अनहोनी की आशंका को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मंगलवार को गार्ड का शव गांव में पहुंचते ही भीड़ लग गई। शव को घर के पास चौक पर रख दिया गया। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया।
लोगों का कहना था कि 2015 में रतन लाल के बड़े भाई किशन लाल की भी हत्या हुई थी। उनकी हत्या के चारों आरोपी पुलिस की ढिलाई के चलते जेल से बाहर हैं। कई बार पुलिस को जान का खतरा बताने के बाद भी पुलिस ने सुरक्षा नहीं दी। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे वह शव को नहीं उठाएंगे। इस पर एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा आरोपियों पर गैंगेस्टर और एनएसए की कार्रवाई के साथ तीन दिन में नामजदों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
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आरोपियों की गिरफ्तारी को लगाईं 4 टीमें
वृंदावन। गोपालगढ़ निवासी रतन लाल की हत्या के मामले में भतीजे रंजीत ने श्रीचंद्र और गोपीचंद्र के अलावा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। रिपोर्ट में रंजीत सिंह ने कहा कि सोमवार को वह अपने चचेरे भाई के साथ जा रहा था। तभी चुन्नू के खेत के पास चारों लोगों ने उनके चाचा को गोली मार दी। बचाने दौड़े तो उन पर भी फायरिंग की गई। नामजदों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाईं गईं हैं। वहीं पीड़ित परिवार की सुरक्षा को एक सब इंस्पेक्टर और चार सिपाहियों को तैनात किया गया है।
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सोमवार की शाम गांव गोपालगढ़ निवासी रतन लाल गार्ड की गांव में प्राइमरी स्कूल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद आरोपियों के तीन मकान फूंकदिए गए। हंगामे के कारण पुलिस ने देर रात ही पंचनामा भर कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अनहोनी की आशंका को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मंगलवार को गार्ड का शव गांव में पहुंचते ही भीड़ लग गई। शव को घर के पास चौक पर रख दिया गया। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया।
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लोगों का कहना था कि 2015 में रतन लाल के बड़े भाई किशन लाल की भी हत्या हुई थी। उनकी हत्या के चारों आरोपी पुलिस की ढिलाई के चलते जेल से बाहर हैं। कई बार पुलिस को जान का खतरा बताने के बाद भी पुलिस ने सुरक्षा नहीं दी। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे वह शव को नहीं उठाएंगे। इस पर एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा आरोपियों पर गैंगेस्टर और एनएसए की कार्रवाई के साथ तीन दिन में नामजदों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
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आरोपियों की गिरफ्तारी को लगाईं 4 टीमें
वृंदावन। गोपालगढ़ निवासी रतन लाल की हत्या के मामले में भतीजे रंजीत ने श्रीचंद्र और गोपीचंद्र के अलावा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। रिपोर्ट में रंजीत सिंह ने कहा कि सोमवार को वह अपने चचेरे भाई के साथ जा रहा था। तभी चुन्नू के खेत के पास चारों लोगों ने उनके चाचा को गोली मार दी। बचाने दौड़े तो उन पर भी फायरिंग की गई। नामजदों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाईं गईं हैं। वहीं पीड़ित परिवार की सुरक्षा को एक सब इंस्पेक्टर और चार सिपाहियों को तैनात किया गया है।