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चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मेयर और पार्षदों के प्रत्याशियों ने झोंकी पूरी ताकत
Updated Mon, 20 Nov 2017 11:06 PM IST
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आगरा। निकाय चुनाव के प्रचार के आखिरी दिन मेयर और पार्षद के प्रत्याशियों ने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। किसी ने रैली निकाली तो किसी ने सभा करके मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किया। इसके चलते शहर भर में दिन भर प्रत्याशियों की धमाचौकड़ी रही।
पिछले करीब 15 दिन से मेयर और पार्षद प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुटे थे। कोशिश थी कि एक-एक मतदाता के पास जाकर संपक करें लेकिन यह संभव नहीं हो सका। इसलिए चुनाव प्रचार के आखिरी दिन नुक्कड़ सभाएं और रैली निकालकर जनसंपर्क किया गया।
शक्ति प्रदर्शन कर विरोधियों को भी संदेश दिया इस चुनाव में वे सभी पर भारी पड़ने वाले हैं। मेयर पद पर सपा के प्रत्याशी राहुल चतुर्वेदी ने वाहन रैली निकाली तो भाजपा के प्रत्याशी नवीन जैन ने भी रैली के जरिए हवा बनाने की कोशिश की।
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बसपा प्रत्याशी दिगंबर सिंह धाकरे ने रैली निकालने के बजाए जनसंपर्क पर ध्यान केंद्रित किया। उनका कहना था कि रैली निकालकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बाधित नहीं करना चाहते थे। कांग्रेेस और रालोद के प्रत्याशियों ने नुक्कड़ सभाएं कर वोटर तक पहुंचने की कोशिश की। निर्दलीय प्रत्याशी चौधरी बशीर, विमल कुमार आदि ने भी जनसंपर्क कर वोट मांगे।
पार्षद प्रत्याशी भी नहीं रहे पीछे
पार्षद पद के प्रत्याशी भी किसी से पीछे नहीं रहे। समर्थकों के साथ वे गली-गली घूमे। समर्थक ढोल की थाप पर नाचते-गाते हुए जनसंपर्क करते नजर आए। लोगों को अपने प्रत्याशी का पर्चा थमाया। कोई प्रत्याशी पैदल ही हाथ जोड़कर वोट मांगते देखा गया तो कोई कार की छत पर बैठकर वोट मांग रहा था। किसी ने बाइक रैली निकाली तो कोई साइकिल पर सवार होकर वोट मांगने लगा। निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी अपने निशान के साथ वोट मांगते देखे गए।
बन गए थे टकराव के हालात
मुहल्लों में कई बार तो ऐसी स्थिति आई कि तीन प्रत्याशी एक ही समय पर एक ही गली में पहुंच गए। नारेबाजी के चलते कहीं-कहीं समर्थकों के बीच टकराव के हालात पैदा हुए लेकिन प्रत्याशियों ने सूझ-बूझ से टकराव को टाला।
बोदला क्षेत्र में शांति नगर में एक ही समय में चार प्रत्याशी प्रचार कर रहे थे। इसी बीच उनके समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। दयालबाग में भी इसी तरह के हालात पैदा हो गए। बिजलीघर क्षेत्र में भी चुनाव प्रचार के दौरान ऐसी ही स्थिति बन गई थी।
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पिछले करीब 15 दिन से मेयर और पार्षद प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुटे थे। कोशिश थी कि एक-एक मतदाता के पास जाकर संपक करें लेकिन यह संभव नहीं हो सका। इसलिए चुनाव प्रचार के आखिरी दिन नुक्कड़ सभाएं और रैली निकालकर जनसंपर्क किया गया।
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शक्ति प्रदर्शन कर विरोधियों को भी संदेश दिया इस चुनाव में वे सभी पर भारी पड़ने वाले हैं। मेयर पद पर सपा के प्रत्याशी राहुल चतुर्वेदी ने वाहन रैली निकाली तो भाजपा के प्रत्याशी नवीन जैन ने भी रैली के जरिए हवा बनाने की कोशिश की।
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बसपा प्रत्याशी दिगंबर सिंह धाकरे ने रैली निकालने के बजाए जनसंपर्क पर ध्यान केंद्रित किया। उनका कहना था कि रैली निकालकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बाधित नहीं करना चाहते थे। कांग्रेेस और रालोद के प्रत्याशियों ने नुक्कड़ सभाएं कर वोटर तक पहुंचने की कोशिश की। निर्दलीय प्रत्याशी चौधरी बशीर, विमल कुमार आदि ने भी जनसंपर्क कर वोट मांगे।
पार्षद प्रत्याशी भी नहीं रहे पीछे
पार्षद पद के प्रत्याशी भी किसी से पीछे नहीं रहे। समर्थकों के साथ वे गली-गली घूमे। समर्थक ढोल की थाप पर नाचते-गाते हुए जनसंपर्क करते नजर आए। लोगों को अपने प्रत्याशी का पर्चा थमाया। कोई प्रत्याशी पैदल ही हाथ जोड़कर वोट मांगते देखा गया तो कोई कार की छत पर बैठकर वोट मांग रहा था। किसी ने बाइक रैली निकाली तो कोई साइकिल पर सवार होकर वोट मांगने लगा। निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी अपने निशान के साथ वोट मांगते देखे गए।
बन गए थे टकराव के हालात
मुहल्लों में कई बार तो ऐसी स्थिति आई कि तीन प्रत्याशी एक ही समय पर एक ही गली में पहुंच गए। नारेबाजी के चलते कहीं-कहीं समर्थकों के बीच टकराव के हालात पैदा हुए लेकिन प्रत्याशियों ने सूझ-बूझ से टकराव को टाला।
बोदला क्षेत्र में शांति नगर में एक ही समय में चार प्रत्याशी प्रचार कर रहे थे। इसी बीच उनके समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। दयालबाग में भी इसी तरह के हालात पैदा हो गए। बिजलीघर क्षेत्र में भी चुनाव प्रचार के दौरान ऐसी ही स्थिति बन गई थी।