{"_id":"59bc07934f1c1b99688b4bff","slug":"151505494931-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीण क्षेत्रों में भी उठने लगी सूकर क्षेत्र को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीण क्षेत्रों में भी उठने लगी सूकर क्षेत्र को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग
Updated Fri, 15 Sep 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
Tirthnagri Soron
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोरों(कासगंज)। सूकर क्षेत्र को तीर्थस्थल घोषित कराने की मांग अब ग्रामीण क्षेत्रों तक उठने लगी है। ‘अमर उजाला’ के अभियान के अंतर्गत ग्राम बसंत नगर में शुक्रवार को ग्रामीणों ने चौपाल लगा क्षेत्र की उपेक्षा पर रोष जताया। ग्रामीणों ने सूकर क्षेत्र को शीघ्र तीर्थस्थल घोषित करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का मानना है कि तीर्थस्थल घोषित होने के बाद क्षेत्र के हालात सुधर होंगे।
बसंत नगर में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने कहा कि सोरों आदिकाल का तीर्थ स्थल है। अभी तक की सरकारों ने तीर्थ स्थल के उत्थान एवं विकास के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। लंबे समय से क्षेत्र के बाशिंदे उपेक्षा का शिकार हैं। प्रदेश सरकार को शीघ्र सूकर क्षेत्र को तीर्थस्थल घोषित करने की दिशा में कार्य करना चाहिए। भगवान वराह ने यहां से मोक्ष प्राप्त किया और यहां मोक्ष एकादशी धूमधाम से मनाई जाती है। इसका जिक्र भी सभी पुराणों में मिलता है। प्राचीन तीर्थ की ओर सरकार का ध्यान नहीं जा रहा। सरकार की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। चौपाल में बसंत नगर के अलावा नगला भम्मी के ग्रामीण भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र को तीर्थस्थल का दर्जा मिलने के बाद पर्यटन और व्यवसाय बढ़ेगा। ग्रामीणों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। संचालन भाजपा नेता संपूर्णानंद एवं दिवाकर सोनी ने किया।
विज्ञापन
बसंत नगर में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने कहा कि सोरों आदिकाल का तीर्थ स्थल है। अभी तक की सरकारों ने तीर्थ स्थल के उत्थान एवं विकास के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। लंबे समय से क्षेत्र के बाशिंदे उपेक्षा का शिकार हैं। प्रदेश सरकार को शीघ्र सूकर क्षेत्र को तीर्थस्थल घोषित करने की दिशा में कार्य करना चाहिए। भगवान वराह ने यहां से मोक्ष प्राप्त किया और यहां मोक्ष एकादशी धूमधाम से मनाई जाती है। इसका जिक्र भी सभी पुराणों में मिलता है। प्राचीन तीर्थ की ओर सरकार का ध्यान नहीं जा रहा। सरकार की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। चौपाल में बसंत नगर के अलावा नगला भम्मी के ग्रामीण भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र को तीर्थस्थल का दर्जा मिलने के बाद पर्यटन और व्यवसाय बढ़ेगा। ग्रामीणों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। संचालन भाजपा नेता संपूर्णानंद एवं दिवाकर सोनी ने किया।
विज्ञापन