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कैदी की समय पूर्व रिहाई याचिका हाईकोर्ट में खारिज
Updated Fri, 25 Aug 2017 11:53 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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मैनपुरी। भाई की हत्या में 38 साल से फतेहगढ़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी की समय पूर्व रिहाई याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव ने महानिरीक्षक कारागार लखनऊ को पत्र भेजा है। महानिरीक्षक कारागार ने फतेहगढ़ जेल के अधीक्षक सहित कैदी को याचिका खारिज होने के संबंध में सूचना दे दी है।
थाना औंछा क्षेत्र के गांव ठाकुरपुर निवासी राजाराम ने 21 जुलाई 1979 की दोपहर पेड़ काटने के विवाद में सगे भाई केवल राम की पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस मामले में 30 जनवरी 1981 को राजाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अभी राजाराम फतेहगढ़ जेल में बंद है। उसने 31 मई 2017 को 15 वर्ष छह माह और 20 वर्ष छह माह 10 दिन की सपरिहार सजा भोगने के बाद समयपूर्व रिहाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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कोर्ट ने इस मामले में कैदी की याचिका का अवलोकन करने पर घटना जघन्य मानते हुए उसकी समयपूर्व रिहाई की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट के आदेश के बाद संयुक्त सचिव शासन ने महानिरीक्षक कारागार प्रशासन को पत्र भेजा। जिसके बाद महानिरीक्षक ने फतेहगढ़ सेंट्रल जेल के अधीक्षक सहित कैदी को याचिका खारिज होने की सूचना दी है।
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थाना औंछा क्षेत्र के गांव ठाकुरपुर निवासी राजाराम ने 21 जुलाई 1979 की दोपहर पेड़ काटने के विवाद में सगे भाई केवल राम की पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस मामले में 30 जनवरी 1981 को राजाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अभी राजाराम फतेहगढ़ जेल में बंद है। उसने 31 मई 2017 को 15 वर्ष छह माह और 20 वर्ष छह माह 10 दिन की सपरिहार सजा भोगने के बाद समयपूर्व रिहाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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कोर्ट ने इस मामले में कैदी की याचिका का अवलोकन करने पर घटना जघन्य मानते हुए उसकी समयपूर्व रिहाई की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट के आदेश के बाद संयुक्त सचिव शासन ने महानिरीक्षक कारागार प्रशासन को पत्र भेजा। जिसके बाद महानिरीक्षक ने फतेहगढ़ सेंट्रल जेल के अधीक्षक सहित कैदी को याचिका खारिज होने की सूचना दी है।