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पुस्तक में प्रकाशित राष्ट्रगान में गलतियां
Updated Thu, 13 Jul 2017 11:08 PM IST
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एटा। प्राथमिक विद्यालयों में निशुल्क वितरण के लिए बुधवार को किताबों की खेप जिला मुख्यालय पहुंची लेकिन रेनबो-4 बुक में प्रकाशित राष्ट्रगान में जो गलती पिछले साल प्रकाशित हुई थी, वही गलती इस बार भी प्रकाशित हुई है। जबकि पिछली साल गलती पकड़ में आने पर लोधी नगर निवासी शिवकुमार ने गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर ग्रह मंत्रालय ने सभी प्रदेशों के राज्यपाल को निर्देश जारी किए थे।
लोधी नगर निवासी शिवकुमार ने बताया कि पिछली बार परिषदीय पुस्तक में प्रकाशित राष्ट्रगान में 13 गलतियां थीं। मामले की केंद्रीय ग्रह मंत्रालय से शिकायत करने पर वहां से राज्यपाल और हाईकोर्ट के नाम शासनादेश 11 मार्च, 2016 को जारी हुआ, लेकिन तब तक पुस्तकों के प्रकाशित होने के कारण गलती में सुधार नहीं हो पाया। लेकिन बार फिर परिषदीय पुस्तक की रेनबो-4 पुस्तक में दो गलतियां प्रकाशित हुई हैं।
शिव कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय समेत सभी सरकारी वेबसाइट पर राष्टगान में सिंधु शब्द प्रकाशित है, लेकिन रेनबो-4 पुस्तक में सिंध्धु शब्द से छोटे ‘उ’ की मात्रा हटा कर वहां सिंध लिख दिया गया है। परिषदीय विद्यायल की पुस्तक में प्रकाशित राष्ट्रगान में दूसरी गलती आखिर में हुई है। जहां जय हे शब्द के बाद बिस्मय बोधक लगाया गया है।
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जबकि सरकारी राष्टगान में विराम चिन्ह लगाया गया है। ऐसे में परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। बच्चे सिंधु शब्द को सिंध पढ़ रहे हैं और राष्ट्रगान लिखते वक्त आखिर में विराम चिन्ह के स्थान पर बिस्मय बोधक लगा रहे हैं। शिव कुमार ने इस बार फिर गृह मंत्रालय को शिकायत भेज कर राष्ट्रगान का सम्मान करते हुए सिंध शब्द में छोटे ‘उ’ की मात्रा और आखिर में बिस्मय बोधक के स्थान पर विराम चिन्ह प्रकाशित करने की मांग की है। ताकि परिषदीय स्कूल के छात्रोें और शिक्षकाें में राष्ट्रगान बोलने, पढ़ने और लिखने भ्रम की स्थिति पैदा हो।
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लोधी नगर निवासी शिवकुमार ने बताया कि पिछली बार परिषदीय पुस्तक में प्रकाशित राष्ट्रगान में 13 गलतियां थीं। मामले की केंद्रीय ग्रह मंत्रालय से शिकायत करने पर वहां से राज्यपाल और हाईकोर्ट के नाम शासनादेश 11 मार्च, 2016 को जारी हुआ, लेकिन तब तक पुस्तकों के प्रकाशित होने के कारण गलती में सुधार नहीं हो पाया। लेकिन बार फिर परिषदीय पुस्तक की रेनबो-4 पुस्तक में दो गलतियां प्रकाशित हुई हैं।
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शिव कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय समेत सभी सरकारी वेबसाइट पर राष्टगान में सिंधु शब्द प्रकाशित है, लेकिन रेनबो-4 पुस्तक में सिंध्धु शब्द से छोटे ‘उ’ की मात्रा हटा कर वहां सिंध लिख दिया गया है। परिषदीय विद्यायल की पुस्तक में प्रकाशित राष्ट्रगान में दूसरी गलती आखिर में हुई है। जहां जय हे शब्द के बाद बिस्मय बोधक लगाया गया है।
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जबकि सरकारी राष्टगान में विराम चिन्ह लगाया गया है। ऐसे में परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। बच्चे सिंधु शब्द को सिंध पढ़ रहे हैं और राष्ट्रगान लिखते वक्त आखिर में विराम चिन्ह के स्थान पर बिस्मय बोधक लगा रहे हैं। शिव कुमार ने इस बार फिर गृह मंत्रालय को शिकायत भेज कर राष्ट्रगान का सम्मान करते हुए सिंध शब्द में छोटे ‘उ’ की मात्रा और आखिर में बिस्मय बोधक के स्थान पर विराम चिन्ह प्रकाशित करने की मांग की है। ताकि परिषदीय स्कूल के छात्रोें और शिक्षकाें में राष्ट्रगान बोलने, पढ़ने और लिखने भ्रम की स्थिति पैदा हो।