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यूपी 100 के एप से जोड़े जाएंगे थाने
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:25 PM IST
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डेमो पिक
- फोटो : Amar Ujala
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मैनपुरी। यूपी 100 के एप को थानों से जोड़ने की कवायद शुरू हो चुकी है। इस सेवा के शुरू होेने के साथ ही कार्रवाई के बाद उक्त मामले के निस्तारण की जानकारी मिल सकेगी। हाल ही में आईजी ने आगरा में इसकी शुरुआत करने के साथ ही जल्द ही इसे अन्य जिले में जोड़ने पर चर्चा की।
आईजी आगरा जोन मुथा अशोक जैन ने हाल ही में आगरा में यूपी 100 के एप को थानों से जोड़ने की शुरूआत की है। अब इस प्रक्रिया को जोन के सभी थानों में लागू किए जाने की दिशा में प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं। बता दें कि यूपी 100 के कंट्रोल रूम से पुलिस रिस्पोंस व्हीकल (पीआरवी) ऑनलाइन जुडे़ हैं। सूचना लेने के बाद रिपोर्ट भी ऑनलाइन भेजी जा रही है लेकिन निस्तारण करने वाले थाने अभी ऑफलाइन हैं। इसलिए घटना पर पुलिस की कार्रवाई का परिणाम ही पता नहीं चल रहा। अब यूपी 100 से समन्वय बनाने के लिए थानों को एप से जोडे़ जाने की कवायद शुरू की गई है।
जीपीएस और हाईटेक सिस्टम से लैस पीआरवी कंट्रोल रूम से सूचनाएं मिलने पर तत्काल पीड़ित के पास पहुंचकर मोबाइल डाटा ट्रांसफर (एमडीटी) पर रिपोर्ट भेज देती है लेकिन संबंधित व्यक्तिओं को थाना पुलिस को सौंप दिया जाता है। लेकिन थाने से उक्त मामले में की गई कार्रवाई कंट्रोल रूम को नहीं हो पाती। इस समस्या को दूर करने के लिए यूपी 100 के एप से जोड़ा जाएगा।
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ऑनलाइन रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था नहीं
अभी तक थानों से कंट्रोल रूम को ऑनलाइन रिपोर्ट भेजने की कोई व्यवस्था नहीं है। पीआरवी से थाने की सुपुदर्गी में आरोपियों को देने के बाद की गई कार्रवाई को पुलिस यूपी 100 के रजिस्टर में दर्ज कर खत्म कर देती है। थाने के रजिस्टर को एसपी प्रोटोकाल आफिस भेजा जाता है। मगर थानों में रजिस्टरों की निगरानी में कोताही बरती जाती है।
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आईजी आगरा जोन मुथा अशोक जैन ने हाल ही में आगरा में यूपी 100 के एप को थानों से जोड़ने की शुरूआत की है। अब इस प्रक्रिया को जोन के सभी थानों में लागू किए जाने की दिशा में प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं। बता दें कि यूपी 100 के कंट्रोल रूम से पुलिस रिस्पोंस व्हीकल (पीआरवी) ऑनलाइन जुडे़ हैं। सूचना लेने के बाद रिपोर्ट भी ऑनलाइन भेजी जा रही है लेकिन निस्तारण करने वाले थाने अभी ऑफलाइन हैं। इसलिए घटना पर पुलिस की कार्रवाई का परिणाम ही पता नहीं चल रहा। अब यूपी 100 से समन्वय बनाने के लिए थानों को एप से जोडे़ जाने की कवायद शुरू की गई है।
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जीपीएस और हाईटेक सिस्टम से लैस पीआरवी कंट्रोल रूम से सूचनाएं मिलने पर तत्काल पीड़ित के पास पहुंचकर मोबाइल डाटा ट्रांसफर (एमडीटी) पर रिपोर्ट भेज देती है लेकिन संबंधित व्यक्तिओं को थाना पुलिस को सौंप दिया जाता है। लेकिन थाने से उक्त मामले में की गई कार्रवाई कंट्रोल रूम को नहीं हो पाती। इस समस्या को दूर करने के लिए यूपी 100 के एप से जोड़ा जाएगा।
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ऑनलाइन रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था नहीं
अभी तक थानों से कंट्रोल रूम को ऑनलाइन रिपोर्ट भेजने की कोई व्यवस्था नहीं है। पीआरवी से थाने की सुपुदर्गी में आरोपियों को देने के बाद की गई कार्रवाई को पुलिस यूपी 100 के रजिस्टर में दर्ज कर खत्म कर देती है। थाने के रजिस्टर को एसपी प्रोटोकाल आफिस भेजा जाता है। मगर थानों में रजिस्टरों की निगरानी में कोताही बरती जाती है।