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ब्रह्मकुंड पर ऐतिहासिक सांझी मेला 7 से
Updated Mon, 04 Sep 2017 11:56 PM IST
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वृंदावन (मथुरा)। पौराणिक ब्रह्मकुंड पर ब्रज फाउंडेशन की ओर से सात से 10 सितंबर तक सांझी मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें सांझी कला से संबंधित प्रदर्शनी, सांझी लीला के पदों का शास्त्रीय गायन, सांझी लीला का मंचन, सांझी साहित्य पर काव्य पाठ एवं विद्वत संगोष्ठी, ब्रज के विद्यालयों के छात्रों की सांझी प्रतियोगिता व सांझी कलाकारों का सम्मान किया जाएगा।
यह जानकारी आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं जीएलए विश्व विद्यालय के कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल, ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण ने दी। ब्रज संस्कृति शोध संस्थान के सचिव लक्ष्मीनारायण तिवारी के सहयोग से सांझी कला के इतिहास की पांडुलिपियों व सुमित गोस्वामी द्वारा सांझी कला के इतिहास की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
गुरुवार से मंदिरों में शुरू होगा सांझी महोत्सव
श्राद्ध पक्ष शुरू होने के साथ ही धर्मनगरी के प्राचीन मंदिरों में राधा कृष्ण की लीलाओं का साक्षात और परंपरागत रूप सांझी बनाने का क्रम शुरू हो जाएगा। सात सितंबर से राधावल्लभ मंदिर, यशोेदानंदन, राधिका प्रिया वल्लभ, यशोदानंदन धाम और शहाजहांपुर वाले मंदिर आदि में प्रतिदिन सांझी का आयोजन किया जाएगा।
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डा. राजेश शर्मा ने बताया कि मंदिर प्रांगण में गोस्वामी या कलाकार फूलों से सांझी बनाते हैं। क्वार मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी से ब्रज के मंदिरों में मिट्टी के रंगों की सांझी शुरू हो जाएंगी।
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यह जानकारी आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं जीएलए विश्व विद्यालय के कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल, ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण ने दी। ब्रज संस्कृति शोध संस्थान के सचिव लक्ष्मीनारायण तिवारी के सहयोग से सांझी कला के इतिहास की पांडुलिपियों व सुमित गोस्वामी द्वारा सांझी कला के इतिहास की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
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गुरुवार से मंदिरों में शुरू होगा सांझी महोत्सव
श्राद्ध पक्ष शुरू होने के साथ ही धर्मनगरी के प्राचीन मंदिरों में राधा कृष्ण की लीलाओं का साक्षात और परंपरागत रूप सांझी बनाने का क्रम शुरू हो जाएगा। सात सितंबर से राधावल्लभ मंदिर, यशोेदानंदन, राधिका प्रिया वल्लभ, यशोदानंदन धाम और शहाजहांपुर वाले मंदिर आदि में प्रतिदिन सांझी का आयोजन किया जाएगा।
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डा. राजेश शर्मा ने बताया कि मंदिर प्रांगण में गोस्वामी या कलाकार फूलों से सांझी बनाते हैं। क्वार मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी से ब्रज के मंदिरों में मिट्टी के रंगों की सांझी शुरू हो जाएंगी।