Firozabad: 14 साल पुराने मामले में भाजपा नेता हरिओम यादव और पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर सहित 15 दोषमुक्त
राजस्थान में चल रहे गुर्जर आरक्षण आंदोलन के समर्थन में 30 मई 2008 को फिरोजाबाद के आसफाबाद पर रेलवे ट्रैक को जाम कर प्रदर्शन किया गया था। पथराव और फायरिंग की घटना भी हुई थी। इस मामले में 15 लोगों को बरी कर दिया गया है।
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फिरोजाबाद के अपर जिला जज नवम एवं विशेष जज एमपी एमएलए कोर्ट जितेंद्र सिंह द्वितीय ने 14 वर्ष पुराने गुर्जर आरक्षण आंदोलन के समर्थन में रेलवे ट्रैक को जाम किए जाने पथराव एवं फायरिंग की घटना के मामले में सपा के वर्तमान महानगर अध्यक्ष सहित दो पूर्व विधायक, पूर्व एमएलसी सहित 15 लोगों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है। न्यायालय के फैसला आने के बाद पूर्व सपा नेताओं को बड़ी राहत मिली है।
घटनाक्रम 30 मई 2008 का है। राजस्थान राज्य में चल रहे गुर्जर आरक्षण आंदोलन के समर्थन में गुर्जर समर्थक नेता एवं पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करना था। लेकिन प्रदर्शन के दौरान काफी हंगामा हुआ था। इस मामले में कार्यवाहक थाना प्रभारी रसूलपुर सुखवीर सिंह ने पूर्व विधायक अजीम भाई, पूर्व विधायक शिकोहाबाद एवं वर्तमान में भाजपा नेता हरिओम यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप उर्फ छोटू, पूर्व सपा एमएलसी एवं वर्तमान में भाजपा नेता रामसकल गुर्जर सहित 38 नामजद और दो हजार अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
बचाव पक्ष ने रखी यह दलील
पुलिस ने मामले की विवेचना करके आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मामला शेषन के सुपुर्द होकर सुनवाई को अपर जिला जज नवम एवं विशेष जज एमपी एमएलए कोर्ट जितेंद्र सिंह द्वितीय के न्यायालय में पहुंचा। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ एडवोकेट ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उक्त लोगों का मकसद कोई बवाल करने का नहीं था बल्कि झूठा फंसाया गया है।
विशेष जज एमपी एमएलए कोर्ट जितेंद्र सिंह द्वितीय ने पूर्व विधायक अजीम भाई, पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता हरिओम यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप उर्फ छोटू, पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर, सपा के महानगर अध्यक्ष योगेश गर्ग, मुकेश यादव सहित अन्य करीब 15 लोगों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।