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खुले रूपए चाहिए, 100 के 80 रुपए मिलेंगे
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:15 PM IST
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मैनपुरी। आजकल खुले रुपयों के लिए हर किसी को परेशानी उठानी पड़ रही है। खुले रुपयों की किल्लत को लेकर बाजार में नया कारोबार पनपता जा रहा है। इस कारोबार में छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े व्यापारी भी शामिल हैं। यह कारोबार है खुले रुपये कराने का।
इस कारोबार के तहत 100 रुपये के खुले कराने पर 80 रुपये दिए जाते हैं। वहीं 20 रुपये दुकानदार के कमीशन के होते हैं। इस कारोबार ने बाजार में अपनी जड़े इतनी मजबूत कर ली हैं कि परचून की दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक में यह फलफूल रहा है। लोगों को मजबूरी में इस तरह रुपये खुले कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
योगेंद्र सिंह का कहना है कि कई बार दुकान पर सामान खरीदने पर खुले रुपयों की दिक्कत का समाना करना पड़ता है। मोहित सिंह का कहना है कि बाजार में इस तरह से लोगों को ठगा जा रहा है। सत्यराम का कहना है कि कई परचून की दुकान पर ऐसा हुआ है। इनमें नई उम्र के लड़के यह काम ज्यादा कर रहे हैं।
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भिखारियों से लेते हैं खुले रुपये
यह कारोबार करने वाले दुकानदारों ने भीख मांगने वाले लोगों को जोड़ रखा है। यह उन लोगों से कुछ रुपये अतिरिक्त देकर खुले रुपये ले लेते हैं। इसके बाद कई गुना मुनाफा कमाते हैं। आटो वाले भी इस तरीके से कमाई करने में पीछे नहीं हैं। वह भी दुकानदारों व यात्रियों को 10 के आठ रुपये देने से पीछे नहीं हटते।
मामला संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अमित सिंह, एसडीएम सदर
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इस कारोबार के तहत 100 रुपये के खुले कराने पर 80 रुपये दिए जाते हैं। वहीं 20 रुपये दुकानदार के कमीशन के होते हैं। इस कारोबार ने बाजार में अपनी जड़े इतनी मजबूत कर ली हैं कि परचून की दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक में यह फलफूल रहा है। लोगों को मजबूरी में इस तरह रुपये खुले कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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योगेंद्र सिंह का कहना है कि कई बार दुकान पर सामान खरीदने पर खुले रुपयों की दिक्कत का समाना करना पड़ता है। मोहित सिंह का कहना है कि बाजार में इस तरह से लोगों को ठगा जा रहा है। सत्यराम का कहना है कि कई परचून की दुकान पर ऐसा हुआ है। इनमें नई उम्र के लड़के यह काम ज्यादा कर रहे हैं।
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भिखारियों से लेते हैं खुले रुपये
यह कारोबार करने वाले दुकानदारों ने भीख मांगने वाले लोगों को जोड़ रखा है। यह उन लोगों से कुछ रुपये अतिरिक्त देकर खुले रुपये ले लेते हैं। इसके बाद कई गुना मुनाफा कमाते हैं। आटो वाले भी इस तरीके से कमाई करने में पीछे नहीं हैं। वह भी दुकानदारों व यात्रियों को 10 के आठ रुपये देने से पीछे नहीं हटते।
मामला संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अमित सिंह, एसडीएम सदर