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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अध्ययन के बाद 14 को होगी एनजीटी में सुनवाई
Updated Mon, 10 Dec 2018 08:15 PM IST
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मथुरा। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में अब गोवर्धन परिक्रमा को लेकर अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का अध्ययन करने के बाद 14 दिसंबर को होगी। सुनवाई में डीएम की मौजूदगी में एनजीटी ने सरकारी अधिवक्ता को भी आरती स्थल के आदेश की फाइलिंग का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को एनजीटी मेें गिरिराज परिक्रमा गोवर्धन को लेकर सुनवाई हुई। दोपहर बाद हुई सुनवाई के दौरान डीएम सर्वज्ञराम मिश्र एनजीटी के समक्ष उपस्थित हुए, लेकिन 3 दिसंबर को आरती स्थल पर गिर्राज सेवक समिति की एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए सुनवाई नहीं की।
एनजीटी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की फाइल का अध्ययन कर लिया जाए कि इसमें क्या दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद ही परिक्रमा मामले में सुनवाई की जाए। इसके लिए 14 दिसंबर की तिथि तय की है। एनजीटी ने सरकारी अधिवक्ता और डीएम को भी फाइल के अध्ययन के निर्देश दिए गए हैं।
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एनजीटी से वापस लौटे डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि कोर्ट ने कहा है कि तथ्य छुपाकर अगर आरती स्थल को लेकर स्थगन आदेश ले लिया गया है तो उसे खत्म कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए। 14 दिसंबर को इस मामले में फिर सुनवाई होगी।
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सोमवार को एनजीटी मेें गिरिराज परिक्रमा गोवर्धन को लेकर सुनवाई हुई। दोपहर बाद हुई सुनवाई के दौरान डीएम सर्वज्ञराम मिश्र एनजीटी के समक्ष उपस्थित हुए, लेकिन 3 दिसंबर को आरती स्थल पर गिर्राज सेवक समिति की एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए सुनवाई नहीं की।
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एनजीटी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की फाइल का अध्ययन कर लिया जाए कि इसमें क्या दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद ही परिक्रमा मामले में सुनवाई की जाए। इसके लिए 14 दिसंबर की तिथि तय की है। एनजीटी ने सरकारी अधिवक्ता और डीएम को भी फाइल के अध्ययन के निर्देश दिए गए हैं।
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एनजीटी से वापस लौटे डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि कोर्ट ने कहा है कि तथ्य छुपाकर अगर आरती स्थल को लेकर स्थगन आदेश ले लिया गया है तो उसे खत्म कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए। 14 दिसंबर को इस मामले में फिर सुनवाई होगी।