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शिव को प्रसन्न कर रावण ने मांगा अजेय होने का वरदान
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:09 AM IST
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मैनपुरी/बेवर । शहर के आगरा रोड पर चल रही रामलीला में नारद मोह, रावण जन्म व रावण अत्याचार की लीला का मंचन किया गया। रामलीला की शुरुआत आयोजकों ने भगवान के स्वरूप में सजे कलाकारों की आरती उतारकर की।
कलाकारों ने मंचन किया कि रावण ने भगवान शंकर की कठिन तपस्या की। इसके बाद भी जब भगवान शिव प्रसन्न नहीं हुए तो उसने दस बार अपना सिर काटकर उन्हें चढ़ा दिया। इसके बाद भगवान शिव ने प्रसन्न होकर रावण को अजेय होने का वरदान दे दिया। इसके बाद रावण ने साधु-संतों व देवताओं को परेशान करना शुरू कर दिया।
जब रावण ने इंद्रलोक पर भी आक्रमण कर देवताओं को बंदी बना लिया, तब भगवान विष्णु ने देवताओं की प्रार्थना पर राक्षसों के समूल नाश के लिए पृथ्वी पर अवतार लेने की बात कही। रामलीला में कमेटी अध्यक्ष महेश चंद्र अग्निहोत्री, वीर सिंह भदौरिया, अशोक गुप्ता, मंत्री रमेश चंद्र सराफ, कोषाध्यक्ष सुरेश चंद्र बंसल, आदित्य जैन, शिवनंदन वर्मा, अमरनाथ भारद्वाज, नरेंद्र सिंह राठौर, अभिषेक जैन, रवि श्रीवास्तव, नवीन सराफ मौजूद रहे।
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वहीं बेवर में आयोजित रामलीला में भी रावण जन्म की लीला का मंचन हुआ। इसमें रावण जन्म के बाद भगवान शिव की आराधना और उसके अत्याचारों की लीला का कलाकारों ने मंचन किया। वहीं दूसरी ओर अयोध्या में राजा दशरथ द्वारा पुत्र की प्राप्ति के लिए हवन किया गया। इससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया। इस दौरान रामलीला कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे।
भगवा राज में भी कस्बे में श्रीराम बारात निकालने की अनुमति नहीं मिल सकी। आयोजक समिति के सदस्यों ने शनिवार को एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। कई वर्षों से ये आयोजन न होने के चलते उन्हें रामबारात के लिए अनुमति नहीं दी। इसके लिए भाजपा नेताओं से भी संपर्क किया गया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। अनुमति न मिलने से एक ओर जहां आयोजन समिति का हजारों रुपये का नुकसान हुआ तो लोगों में भी रोष है।
मंगलवार को गणेश पूजन के साथ नगर की रामलीला का शुभारंभ होगा। इस आशय की जानकारी रामलीला कमेटी के अध्यक्ष धर्मेंद्र वर्मा धम्मा ने दी। उन्होंने बताया कि शाम को रावण शोभायात्रा के साथ गल्ला मंडी में नाटक का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की।
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कलाकारों ने मंचन किया कि रावण ने भगवान शंकर की कठिन तपस्या की। इसके बाद भी जब भगवान शिव प्रसन्न नहीं हुए तो उसने दस बार अपना सिर काटकर उन्हें चढ़ा दिया। इसके बाद भगवान शिव ने प्रसन्न होकर रावण को अजेय होने का वरदान दे दिया। इसके बाद रावण ने साधु-संतों व देवताओं को परेशान करना शुरू कर दिया।
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जब रावण ने इंद्रलोक पर भी आक्रमण कर देवताओं को बंदी बना लिया, तब भगवान विष्णु ने देवताओं की प्रार्थना पर राक्षसों के समूल नाश के लिए पृथ्वी पर अवतार लेने की बात कही। रामलीला में कमेटी अध्यक्ष महेश चंद्र अग्निहोत्री, वीर सिंह भदौरिया, अशोक गुप्ता, मंत्री रमेश चंद्र सराफ, कोषाध्यक्ष सुरेश चंद्र बंसल, आदित्य जैन, शिवनंदन वर्मा, अमरनाथ भारद्वाज, नरेंद्र सिंह राठौर, अभिषेक जैन, रवि श्रीवास्तव, नवीन सराफ मौजूद रहे।
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वहीं बेवर में आयोजित रामलीला में भी रावण जन्म की लीला का मंचन हुआ। इसमें रावण जन्म के बाद भगवान शिव की आराधना और उसके अत्याचारों की लीला का कलाकारों ने मंचन किया। वहीं दूसरी ओर अयोध्या में राजा दशरथ द्वारा पुत्र की प्राप्ति के लिए हवन किया गया। इससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया। इस दौरान रामलीला कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे।
भगवा राज में भी कस्बे में श्रीराम बारात निकालने की अनुमति नहीं मिल सकी। आयोजक समिति के सदस्यों ने शनिवार को एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। कई वर्षों से ये आयोजन न होने के चलते उन्हें रामबारात के लिए अनुमति नहीं दी। इसके लिए भाजपा नेताओं से भी संपर्क किया गया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। अनुमति न मिलने से एक ओर जहां आयोजन समिति का हजारों रुपये का नुकसान हुआ तो लोगों में भी रोष है।
मंगलवार को गणेश पूजन के साथ नगर की रामलीला का शुभारंभ होगा। इस आशय की जानकारी रामलीला कमेटी के अध्यक्ष धर्मेंद्र वर्मा धम्मा ने दी। उन्होंने बताया कि शाम को रावण शोभायात्रा के साथ गल्ला मंडी में नाटक का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की।