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बैंककर्मियों से मिलीभगत कर ग्राम पंचायत के खाते से प्रधान ने छह लाख निकाले
Updated Sat, 01 Sep 2018 11:32 PM IST
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मैनपुरी। बेवर की ग्रामसभा अठलकड़ा में वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई है। प्रधान ने बैंककर्मियों की मिलीभगत से गांव में विकास के लिए दी जाने वाली धनराशि को अवैध तरीके से निकाल लिया। वहीं, गांव में अभी तक छह लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता पकड़ में आ चुकी है। डीएम ने प्रधान के खिलाफ 95जी के तहत चेतावनी जारी की है।
गांव अठलकड़ा में विकास के नाम पर धनराशि तो निकाली गई, लेकिन उसे विकास के स्थान पर निजी प्रयोग में लाया गया है। इतना ही नहीं प्रधान के द्वारा जो भी धनराशि निकाली गई है, उसका आहरण फर्जी तरीके से किया गया है। इस कारण वित्तीय अनियमितता पकड़ में आ गई। प्रधान ने बेवर की बैंक ऑफ इंडिया शाखा से प्रतिदिन चार बार कैश में रुपये निकाले।
यह धनराशि हर बार 20 हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकाली गई। ऐसा इसलिए किया गया कि एक साथ ज्यादा रुपया निकालने जाने पर मामला जल्द पकड़ में आ सकता था। चौंकाने वाली बात यह है कि जिला पंचायतराज विभाग की ओर से चार साल पहले विकास की धनराशि को कैश में नहीं निकाले जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी बैंक से छह लाख रुपये कैश में निकाले गए। इस कारण बैंककर्मियों की भी मिलीभगत की ज्यादा संभावना जताई जा रही है।
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गांव अठलकड़ा में विकास के नाम पर धनराशि तो निकाली गई, लेकिन उसे विकास के स्थान पर निजी प्रयोग में लाया गया है। इतना ही नहीं प्रधान के द्वारा जो भी धनराशि निकाली गई है, उसका आहरण फर्जी तरीके से किया गया है। इस कारण वित्तीय अनियमितता पकड़ में आ गई। प्रधान ने बेवर की बैंक ऑफ इंडिया शाखा से प्रतिदिन चार बार कैश में रुपये निकाले।
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यह धनराशि हर बार 20 हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकाली गई। ऐसा इसलिए किया गया कि एक साथ ज्यादा रुपया निकालने जाने पर मामला जल्द पकड़ में आ सकता था। चौंकाने वाली बात यह है कि जिला पंचायतराज विभाग की ओर से चार साल पहले विकास की धनराशि को कैश में नहीं निकाले जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी बैंक से छह लाख रुपये कैश में निकाले गए। इस कारण बैंककर्मियों की भी मिलीभगत की ज्यादा संभावना जताई जा रही है।
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