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योगी जी, अब सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करिए

Sat, 21 Jul 2018 11:05 PM IST
Updated Sat, 21 Jul 2018 11:05 PM IST
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योगी जी, अब सोरों  को तीर्थ स्थल घोषित  करिए
योगी जी, अब सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करिए - फोटो : अमर उजाला
कासगंज।
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योगी जी, आपसे से जिले भर के लोगों को काफी उम्मीदे हैं। लोग चाहते हैं कि भगवान वराह की प्राकट्य भूमि और महाकवि तुलसीदास की जन्म स्थली सोरोंजी आपके द्वारा तीर्थ स्थल घोषित की जाए। जन भावनाओं को देखते हुए अमर उजाला ने यहां की ऐतिहासिक, पौराणिक धरोहरों को लेकर विशेष श्रंखला अभियान चलाकर प्रकाशित किया। यहां के लोगों की मांग आप तक पहुंचाई। आप स्वयं भी सोरों को अच्छा व पवित्र स्थल बता चुके हैं तो फिर तीर्थ स्थल घोषित करने में देरी कैसी। लगातार सोरों के लोग विभिन्न तरह से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करके तीर्थ स्थल बनाने की मांग कर रहे हैं।
जिले में कई समस्याएं खड़ी हुई हैं। कासगंज को बाईपास मार्ग चाहिए। बाईपास का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। निर्माणदायी कंपनी और निर्माण विभाग बार-बार बजट की कमी की बात करते हैं। ब्रिज कॉर्पोरेशन भी यही बात दोहराता है। बाईपास का निर्माण न होने से शहर जाम से जूझ रहा है। जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की काफी कमी है। केवल पांच चिकित्सकों के सहारे ही जिला अस्पताल चल रहा है। न यहां हृदय रोग विशेषज्ञ है और न ही कोई सर्जन। किसी की भी तबियत बिगड़ने पर समुचित इलाज लोगों को नहीं मिल पाता। नया चिकित्सालय बना हैं, यहां उपकरण भी धूल फांक रहे हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं है। जिले में बहने वाली काली नदी की धारा पूरी तरह से प्रदूषित है।
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जिले के सहावर और पटियाली तहसील मुख्यालयों पर भी रोडवेज के बस अड्डे नहीं हैं और न ही यातायात के संसाधन और सुविधाएं। आखिर कैसे लोगों को मूलभूत बुनियादी सुविधाएं मिल पाएं यह चिंता का विषय है। पिछड़ा जिला होने के बाद बावजूद शासन की विशेष सुविधा सूची में यह कहीं नजर नहीं आ रहा है।
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सोरों को तीर्थ स्थल शीघ्र घोषित किया जाए। तीर्थ स्थल घोषित न होने के कारण इस पौराणिक तीर्थ नगरी का समुचित विकास नहीं हो पा रहा। मुख्यमंत्री पहले भी तीर्थ घोषित करने का भरोसा दे चुके हैं, लेकिन अभी तक यह संभव नहीं हो सका है। जबकि आंदोलन निरंतर जारी है। - भूपेश शर्मा, अखण्ड आर्यवर्त संघ, अध्यक्ष
शहर में बाईपास का निर्माण होने आवश्यक है। कई वर्ष से इसका निर्माण धीमी गति से चल रहा है। बाईपास का निर्माण पूरा न होने से शहर में जाम के विकराल हालात रहते हैं। जाम से निजात के लिए व शहर के विकास के लिए बाईपास का शीघ्र निर्माण जरूरी है। दविंदर चंडौक, व्यापारी नेता
पूर्व के समय में काली नदी से किसानों को काफी लाभ था। जब से काली नदी का जल प्रदूषित हुआ है। जल के अंदर रहने वाले जल जीव भी मर चुके हैं। ग्रामीण पशुओं को पानी भी नहीं पिला पाते। आकाशदीप वर्मा रानू, भाजपा नेता।

शहर में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। यहां तक कि जिला अस्पताल में मरीजों को चिकित्सा नहीं मिल पाती। दुर्घटना या वारदात में घायल हुए अधिकतर मरीज रेफर किए जाते हैं। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती और सभी वार्डों का संचालन आवश्यक है। बैजनाथ अग्रवाल, कर अधिवक्ता।

जिले में परिवहन की सेवाएं बेहद लचर हैं। यहां तक कि तहसील मुख्यालय सहावर और पटियाली में भी बस स्टेंड की स्थापना आज तक नहीं हो पाई है। औद्योगिक कस्बा भी गंजुंडवारा भी रोडवेज बस स्टेंड की सुविधा से वंचित हैं। मुख्यमंत्री से मांग हैं इन क्षेत्रों में बस स्टेंड का निर्माण करा परिवहन सेवांए उपलब्ध कराई जाएं।
सुमित विजय, गंडडुडवारा
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