{"_id":"5b48d9414f1c1b42748b4611","slug":"141531500865-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी से भरी बाल्टी में डूबा बच्चा, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी से भरी बाल्टी में डूबा बच्चा, मौत
Updated Fri, 13 Jul 2018 11:31 PM IST
विज्ञापन
पानी से भरी बाल्टी में डूबा बच्चा, मौत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जलेसर। खेलते-खेलते एक वर्षीय बच्चा बाल्टी में डूब गया। काफी देर तक जब उसकी आवाज सुनाई नहीं दी तो रसोई में खाना बना रही मां उठकर आई तो देखा बाल्टी में डूबा हुआ है। आनन-फानन में स्वास्थ्य केन्द्र पर मासूम को लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। घटना कोतवाली जलेसर के कस्बा स्थित मोहल्ला बाजार कलां की है।
शुक्रवार दोपहर को अनूप कुमार के एक वर्षीय मासूम शौर्य की बाल्टी के पानी में डूबने से मौत हो गई। अनूप ने बताया कि शौर्य अपनी मां के साथ घर में खेल रहा था। उसके बड़े दोनों भाई घर के बाहर खेल रहे थे। शौर्य की मां बेटे को आंगन में खेलते हुए छोड़कर रसोई में खाना बनाने चली गई। रसोई में से रोज की तरह वह शौर्य को आवाज देती रही। शौर्य खेलते-खेलते आंगन में पानी से भरी रखी बाल्टी के पास पहुंच गया। उसके सहारे खड़े होकर अपने आप को देखने लगा।
खेलते-खेलते किसी तरह वह पानी में उल्टा सिर के बल डूब गया। काफी देर तक जब शौर्य की मां को बेटे की आवाज सुनाई नहीं दी तो वह रसोई से बाहर निकली तो उसके होश उड़ गए। मां की चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग एकत्रित हो गए। जो शौर्य को लेकर स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार भी दिया। डॉक्टरों ने शौर्य को मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी जब घर पर हुई तो कोहराम मच गया।
विज्ञापन
घर में अकेले थे मां बेटा
जलेसर। जिस वक्त शौर्य पानी भरी हुई बाल्टी में डूबा। उस दौरान उसके दोनों भाई घर के बाहर खेलने चले गए थे। जबकि शौर्य की मां ने दोनों को छोटे भाई के साथ खेलने के लिए कहा था। जबकि शौर्य के पिता अनूप अपने कार्य से घर से बाहर निकले हुए थे।
पूर्व में भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं
जलेसर। ऐसा नहीं है कि बाल्टी में बच्चे के डूबने की यह पहले घटना हो। अब से पहले अलीगंज क्षेत्र में भी इस तरह की घटना हो चुकी है। बावजूद इसके परिवार के लोग मासूम बच्चों के आसपास पानी से भरे हुए बर्तन रखना नहीं भूल रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही कभी कभी बहुत बड़ा रुप ले लेती है।
छोटे बच्चों का इस तरह रखें ध्यान
1. कभी भी अकेले छोटे बच्चे को न छोड़ें
2. जहां बच्चा खेल रहा हो, उसके आसपास पानी का कोई भी बड़ा बर्तन भरकर न रखें।
3. कोशिश करें कि छोटे बच्चे के साथ कोई न कोई समझदार बच्चा साथ खेले।
4. घर के बुजुर्गों के बीच में बच्चे को छोड़ा जाए।
शुक्रवार दोपहर को अनूप कुमार के एक वर्षीय मासूम शौर्य की बाल्टी के पानी में डूबने से मौत हो गई। अनूप ने बताया कि शौर्य अपनी मां के साथ घर में खेल रहा था। उसके बड़े दोनों भाई घर के बाहर खेल रहे थे। शौर्य की मां बेटे को आंगन में खेलते हुए छोड़कर रसोई में खाना बनाने चली गई। रसोई में से रोज की तरह वह शौर्य को आवाज देती रही। शौर्य खेलते-खेलते आंगन में पानी से भरी रखी बाल्टी के पास पहुंच गया। उसके सहारे खड़े होकर अपने आप को देखने लगा।
विज्ञापन
खेलते-खेलते किसी तरह वह पानी में उल्टा सिर के बल डूब गया। काफी देर तक जब शौर्य की मां को बेटे की आवाज सुनाई नहीं दी तो वह रसोई से बाहर निकली तो उसके होश उड़ गए। मां की चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग एकत्रित हो गए। जो शौर्य को लेकर स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार भी दिया। डॉक्टरों ने शौर्य को मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी जब घर पर हुई तो कोहराम मच गया।
विज्ञापन
घर में अकेले थे मां बेटा
जलेसर। जिस वक्त शौर्य पानी भरी हुई बाल्टी में डूबा। उस दौरान उसके दोनों भाई घर के बाहर खेलने चले गए थे। जबकि शौर्य की मां ने दोनों को छोटे भाई के साथ खेलने के लिए कहा था। जबकि शौर्य के पिता अनूप अपने कार्य से घर से बाहर निकले हुए थे।
पूर्व में भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं
जलेसर। ऐसा नहीं है कि बाल्टी में बच्चे के डूबने की यह पहले घटना हो। अब से पहले अलीगंज क्षेत्र में भी इस तरह की घटना हो चुकी है। बावजूद इसके परिवार के लोग मासूम बच्चों के आसपास पानी से भरे हुए बर्तन रखना नहीं भूल रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही कभी कभी बहुत बड़ा रुप ले लेती है।
छोटे बच्चों का इस तरह रखें ध्यान
1. कभी भी अकेले छोटे बच्चे को न छोड़ें
2. जहां बच्चा खेल रहा हो, उसके आसपास पानी का कोई भी बड़ा बर्तन भरकर न रखें।
3. कोशिश करें कि छोटे बच्चे के साथ कोई न कोई समझदार बच्चा साथ खेले।
4. घर के बुजुर्गों के बीच में बच्चे को छोड़ा जाए।