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गर्मी बढ़ते ही आम की फसल में लगने लगा रोग
Updated Fri, 20 Apr 2018 11:20 PM IST
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मैनपुरी। गर्मी का असर इंसान ही नहीं फसलों और फलों पर भी दिखने लगा है। तेज धूप के कारण आम के पेड़ों पर भी गुम्मा रोग पनपने लगा है।
इस समय आम के पेड़ों पर आम के फल आ चुके हैं। वहीं गर्मी के कारण आम के पेड़ों पर कीट और गुम्मा रोग फैलने लगा है। रोग फैलने से छोटे आम समय से पहले ही टूटकर गिरने लगे हैं।
इस कारण आम की फसल प्रभावित हो रही है। पैदावार में भी गिरावट आ सकती है। आम की फसल में रोग लगने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं हैं
यह है गुम्मा रोग
यह रोग वनस्पति और पुष्प गुम्मा दो प्रकार का होता है। पुष्प गुम्मा रोग में पुष्प शाखाएं छोटी हो जाती हैं और गुच्छों का रूप धारण कर लेती है। इस कारण पेड़ों पर फूल खिलने के बाद भी फल नहीं लगते हैं। वहीं वानस्पतिक गुम्मा रोग में पेड़ की बढ़ती टहनियां छोटी हो जाती हैं।
यह करें उपाय
इस रोग से ग्रसित भाग को काटकर मिट्टी के अंदर दबा देना चाहिए। वहीं जिस बाग और पेड़ों में प्रत्येक वर्ष यह रोग फैलता हो। उस स्थान पर अक्तूबर महीने में अल्फा नेफथालीन एसिटिक एसिड 4.5 फीसदी, 1.5 से दो मिली एसएल को प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने से इस रोग की रोकथाम की जा सकती है।
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फलों के झड़ने पर करें
फलों को गिरने से बचाने के लिए किसान को अल्फा नेफथालीन एसिटिक एसिड 4.5 फीसदी की 0.5 मिली मात्रा प्रतिलीटर पानी में घोलकर 10 से 15 दिन के अंतराल पर दो से तीन बार छिड़काव करना चाहिए। इससे फलों को गिरने से रोका जा सकता है।
जिले में आम की फसल का रकबा
जिले में वर्तमान में 279 हेक्टेयर आम की फसल का रकबा है।
आम की फसल में इस वक्त गुम्मा रोग फैल रहा है। थोड़ी सतर्कता से किसान रोग फैलने से आम की फसल को बचा सकता है। ज्यादा परेशानी होने पर किसान दवा के बारे में जानकारी कर सकते हैं।
अमित जयसवाल, जिला कृषि रक्षा अधिकारी
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इस समय आम के पेड़ों पर आम के फल आ चुके हैं। वहीं गर्मी के कारण आम के पेड़ों पर कीट और गुम्मा रोग फैलने लगा है। रोग फैलने से छोटे आम समय से पहले ही टूटकर गिरने लगे हैं।
इस कारण आम की फसल प्रभावित हो रही है। पैदावार में भी गिरावट आ सकती है। आम की फसल में रोग लगने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं हैं
यह है गुम्मा रोग
यह रोग वनस्पति और पुष्प गुम्मा दो प्रकार का होता है। पुष्प गुम्मा रोग में पुष्प शाखाएं छोटी हो जाती हैं और गुच्छों का रूप धारण कर लेती है। इस कारण पेड़ों पर फूल खिलने के बाद भी फल नहीं लगते हैं। वहीं वानस्पतिक गुम्मा रोग में पेड़ की बढ़ती टहनियां छोटी हो जाती हैं।
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यह करें उपाय
इस रोग से ग्रसित भाग को काटकर मिट्टी के अंदर दबा देना चाहिए। वहीं जिस बाग और पेड़ों में प्रत्येक वर्ष यह रोग फैलता हो। उस स्थान पर अक्तूबर महीने में अल्फा नेफथालीन एसिटिक एसिड 4.5 फीसदी, 1.5 से दो मिली एसएल को प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने से इस रोग की रोकथाम की जा सकती है।
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फलों के झड़ने पर करें
फलों को गिरने से बचाने के लिए किसान को अल्फा नेफथालीन एसिटिक एसिड 4.5 फीसदी की 0.5 मिली मात्रा प्रतिलीटर पानी में घोलकर 10 से 15 दिन के अंतराल पर दो से तीन बार छिड़काव करना चाहिए। इससे फलों को गिरने से रोका जा सकता है।
जिले में आम की फसल का रकबा
जिले में वर्तमान में 279 हेक्टेयर आम की फसल का रकबा है।
आम की फसल में इस वक्त गुम्मा रोग फैल रहा है। थोड़ी सतर्कता से किसान रोग फैलने से आम की फसल को बचा सकता है। ज्यादा परेशानी होने पर किसान दवा के बारे में जानकारी कर सकते हैं।
अमित जयसवाल, जिला कृषि रक्षा अधिकारी