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ओवरलोड वाहनों पर हो रहा मौत का सफर
Updated Mon, 09 Apr 2018 08:15 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। ओवरलोड वाहन हादसों की वजह बन रहे हैं। इनके ऊपर भारी सामान की तरह सवारी मौजूद रहती हैं। हर दिन राजमार्ग पर करीब पांच हादसे ओवरलोडिंग से हो रहे हैं। डग्गेमार वाहनों को एआरटीओ और यातायात से लेकर खाकी वर्दी का पूरा सहयोग मिलता है।
ओवरलोडिंग वाहनों की शुरूआत जंक्शन से वृंदावन तक जाने वाले टेंपो से होती है। करीब दो साल पूर्व वृंदावन रोड पर टेंपो से हुए हादसे में 11 की मौत हुई थी। भूतेश्वर चौराहे से गोवर्धन, सौंख और अन्य स्थानों पर जाने वाली मेटाडोर सफेद हाथी में एक साथ 60 सवारियों तक लाद लेते हैं।
टूटी सड़क, बिना फिटनेस के वाहन और गैर लाइसेंसी चालक द्वारा गाड़ी चलाए जाने से हर रोज जनपद में पांच से सात हादसे हो रहे हैं। यही हाल जमुनापार, राया रोड, बलदेव रोड, शेरगढ़, छाता रोड पर चलने वाले डग्गेमार वाहनों का है। जनपद में करीब पांच हजार टेंपो और टाटा मैजिक द्वारा सवारियों को ढोने का काम किया जाता है।
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ओवरलोडिंग वाहनों की शुरूआत जंक्शन से वृंदावन तक जाने वाले टेंपो से होती है। करीब दो साल पूर्व वृंदावन रोड पर टेंपो से हुए हादसे में 11 की मौत हुई थी। भूतेश्वर चौराहे से गोवर्धन, सौंख और अन्य स्थानों पर जाने वाली मेटाडोर सफेद हाथी में एक साथ 60 सवारियों तक लाद लेते हैं।
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टूटी सड़क, बिना फिटनेस के वाहन और गैर लाइसेंसी चालक द्वारा गाड़ी चलाए जाने से हर रोज जनपद में पांच से सात हादसे हो रहे हैं। यही हाल जमुनापार, राया रोड, बलदेव रोड, शेरगढ़, छाता रोड पर चलने वाले डग्गेमार वाहनों का है। जनपद में करीब पांच हजार टेंपो और टाटा मैजिक द्वारा सवारियों को ढोने का काम किया जाता है।
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