{"_id":"5aca57394f1c1beb618b63d5","slug":"141523210041-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीवन को सुखमय बनाने के लिए बताए पांच सिद्धांत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीवन को सुखमय बनाने के लिए बताए पांच सिद्धांत
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। गांधी पार्क में आयोजित प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के पांच दिवसीय शिविर के दूसरे दिन प्रोफेसर ईवी गिरीश भाई ने जीवन सुखमय बनाने के पांच सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होनें कहा कि सुख, दु:ख स्वयं से होता है। हमें सकारात्मक सोच से अपना जीवन सुखमय बनाना होगा।
गिरीश भाई ने कहा कि अगर हम खुश रहना चाहते हैं तो हमें पांच सिद्धातों पर चलना होगा। पहला सिद्धांत आध्यात्मिक का व्यक्तित्व है। दूसरा सिद्धांत समझना होगा कि मै आत्मा हूं। तीसरा सिद्धांत जैसा कर्म करेगा, वैस भोगना पड़ेगा। चौथा सिद्धांत है सदा सुखी रहो। मेरे जीवन में सदा दुख का कारण सिर्फ मैं हूं... यह पांचवां सिद्धांत समझना होगा। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने जीवन में स्वयं दुख का कारण होता है।
अगर आदमी सोच ले कि जैसा कर्म मैं करुंगा, वैसा ही फल मुझे भोगना पड़ेगा तो अधिकांश लोग दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मस्जिद में अल्लाह दिखाई देता है, हिंदू को मंदिर में भगवान दिखाई देता है। लेकिन दुनिया जन्नत तभी दिखेगी जब हम इंसान को इंसान दिखाई देगा। मेयर नूतन राठौर, मंगल सिंह राठौर, शरष वर्मा, देवीचरन अग्रवाल, प्रभास्कर राय, कृष्णकांत गुप्ता, राकेश सीए, विनोद शर्मा, सुनील टंडन, पवन अग्रवाल समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गिरीश भाई ने कहा कि अगर हम खुश रहना चाहते हैं तो हमें पांच सिद्धातों पर चलना होगा। पहला सिद्धांत आध्यात्मिक का व्यक्तित्व है। दूसरा सिद्धांत समझना होगा कि मै आत्मा हूं। तीसरा सिद्धांत जैसा कर्म करेगा, वैस भोगना पड़ेगा। चौथा सिद्धांत है सदा सुखी रहो। मेरे जीवन में सदा दुख का कारण सिर्फ मैं हूं... यह पांचवां सिद्धांत समझना होगा। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने जीवन में स्वयं दुख का कारण होता है।
विज्ञापन
अगर आदमी सोच ले कि जैसा कर्म मैं करुंगा, वैसा ही फल मुझे भोगना पड़ेगा तो अधिकांश लोग दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मस्जिद में अल्लाह दिखाई देता है, हिंदू को मंदिर में भगवान दिखाई देता है। लेकिन दुनिया जन्नत तभी दिखेगी जब हम इंसान को इंसान दिखाई देगा। मेयर नूतन राठौर, मंगल सिंह राठौर, शरष वर्मा, देवीचरन अग्रवाल, प्रभास्कर राय, कृष्णकांत गुप्ता, राकेश सीए, विनोद शर्मा, सुनील टंडन, पवन अग्रवाल समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन