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पुराने विकास कार्यों का भुगतान करने से शासन का इनकार

Fri, 06 Apr 2018 11:52 PM IST
Updated Fri, 06 Apr 2018 11:52 PM IST
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पुराने विकास कार्यों का भुगतान करने से शासन का  इनकार
फिरोजाबाद। योगी सरकार ने नगर पालिका बोर्ड में कराए गए विकास कार्यों के एवज में बकाया चल रहा करोड़ों का भुगतान करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। शसन ने स्पष्ट कहा गया है कि नगर निगम प्रशासन अपने निजी स्रोतों से ठेकेदारों का भुगतान कर सकती है।
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वित्तीय वर्ष 2010-11 में पालिका बोर्ड (वर्तमान में नगर निगम) ने शहर में कई स्थानों पर विकास कार्य कराए थे। पालिका बोर्ड में तैनात अफसरों ने वित्त एवं अन्य मदों से बजट मिलने की प्रत्याशा में करोड़ों के विकास कार्य करा लिए, लेकिन शासन से ग्रांट कटौती होने से ठेकेदारों को बकाया 35.21 करोड़ का भुगतान रुक गया।
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नगर निगम प्रशासन ने शासन को पत्र भेजकर 35 करोड़, 21 लाख, 45 हजार 553 रुपये की धनराशि वित्त आयोग और अन्य मद में ब्याज रहित ऋण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। शासन के प्रमुख सचिव अनिल कुमार वाजपेयी ने कहा कि नगर निगम को हर महीने मिलने वाली राज्य वित्त आयोग की धनराशि से वेतन, पेंशन एवं अन्य देयकों के बाद धनराशि बचती है तो भुगतान किया जा सकता है। इसके अलावा नगर निगम अपने निजी स्रोतों से भुगतान कर सकता है।
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करोड़ों का भुगतान फंसने से कई ठेकेदार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए तो कई शहर से पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। ठेकेदारों ने करोड़ों का बकाया भुगतान लेने के लिए शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई। सुनवाई नहीं होने पर कुछ ठेकेदारों ने हाइकोर्ट की शरण भी ली है। हाइकोर्ट ने ठेकेदारों का बकाया भुगतान का शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए।
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