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अवैध कारखाने पर छापा, 21 असलाहा बरामद
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:11 PM IST
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एटा। जलेसर पुलिस ने गांव पिलखतरा में अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुुए एक व्य्िक्त को दबोचा है जबकि चार आरोपी मौके से फरार हो गए। मौके से पुलिस ने डेढ़ दर्जन तमंचे और तीन राइफल जब्त किए। अब पुलिस इस गिरोह से असलहे खरीदने वाले लोगों की तलाश में जुटी है।
एसएसपी अखिलेश चौरसिया के अनुसार, कोतवाली जलेसर पुलिस को बृहस्पतिवार रात जानकारी मिली कि पिलखतरा गांव निवासी जोगेंद्र सिंह अपने घर के पीछे खंडहर में साथियों संग अवैध हथियार बना रहा है।
पुलिस ने वहां छापेमारी की तो जोगेंद्र सिंह पुत्र महाराज सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से देवेंद्र निवासी भीतर और नरोत्तम निवासी शीतलवाडा थाना हसायन जिला हाथरस, देवेंद्र सिंह पुत्र जलेब सिंह निवासी मोहम्मदपुर थाना जसराना जिला फिरोजाबाद, कालीचरन उर्फ केसी निवासी बरसौड़ा थाना अमापुर पुलिस की घेराबंदी के बीच मौका पाकर फरार हो गए। पुलिस को वहां तीन देशी रायफल, 18 तमंचे तथा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले औजार तथा कई नाल भी मिली।
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आसपास के जिलों में भी करता था सप्लाई
एटा। पकड़े गए जोगेंद्र ने बताया कि उसने पहले दूसरे लोगों के साथ रहकर हथियार बनाना सीखा है। पिछले लम्बे समय से वह इसी गोरखधंधे से जुड़ा है। पहली बार उसने उपकरण खरीदकर हथियार बनाने का काम शुरू किया था। जोगेंद्र ने बताया कि देहात क्षेत्र के लोग ही इन हथियारों को ले जाते हैं। वह साथियों संग हथियार बनाकर कासगंज, फिरोजाबाद, आगरा, हाथरस, मैनपुरी आदि जिलो में बेच देते हैं। अच्छा बना कट्टा यानी तमंचा तीन हजार रुपए तक में बिकता रहा है जबकि राइफल 10 से 20 हजार रुपये में बेचता रहा है। पुलिस उससे असलहे खरीदने वालों की तलाश में जुट गई है।
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एसएसपी अखिलेश चौरसिया के अनुसार, कोतवाली जलेसर पुलिस को बृहस्पतिवार रात जानकारी मिली कि पिलखतरा गांव निवासी जोगेंद्र सिंह अपने घर के पीछे खंडहर में साथियों संग अवैध हथियार बना रहा है।
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पुलिस ने वहां छापेमारी की तो जोगेंद्र सिंह पुत्र महाराज सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से देवेंद्र निवासी भीतर और नरोत्तम निवासी शीतलवाडा थाना हसायन जिला हाथरस, देवेंद्र सिंह पुत्र जलेब सिंह निवासी मोहम्मदपुर थाना जसराना जिला फिरोजाबाद, कालीचरन उर्फ केसी निवासी बरसौड़ा थाना अमापुर पुलिस की घेराबंदी के बीच मौका पाकर फरार हो गए। पुलिस को वहां तीन देशी रायफल, 18 तमंचे तथा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले औजार तथा कई नाल भी मिली।
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आसपास के जिलों में भी करता था सप्लाई
एटा। पकड़े गए जोगेंद्र ने बताया कि उसने पहले दूसरे लोगों के साथ रहकर हथियार बनाना सीखा है। पिछले लम्बे समय से वह इसी गोरखधंधे से जुड़ा है। पहली बार उसने उपकरण खरीदकर हथियार बनाने का काम शुरू किया था। जोगेंद्र ने बताया कि देहात क्षेत्र के लोग ही इन हथियारों को ले जाते हैं। वह साथियों संग हथियार बनाकर कासगंज, फिरोजाबाद, आगरा, हाथरस, मैनपुरी आदि जिलो में बेच देते हैं। अच्छा बना कट्टा यानी तमंचा तीन हजार रुपए तक में बिकता रहा है जबकि राइफल 10 से 20 हजार रुपये में बेचता रहा है। पुलिस उससे असलहे खरीदने वालों की तलाश में जुट गई है।