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पर्यावरण और सामाजिक अध्ययन के दिए टिप्स
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:53 PM IST
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मैनपुरी। कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं को बेहतर ज्ञान देने के लिए इनमें अध्यापन करने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में शिक्षकों को सामाजिक अध्ययन एवं पर्यावरण विषय का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के बाद जूनियर स्कूल की शिक्षा व्यवस्था को नई धार मिलेगी। परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था के सुधार के लिए शासन से समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित होते हैं। शिक्षकों को नवीन व तकनीकि शिक्षा के ज्ञान के लिए प्रशिक्षण भी दिलाया जाता है। माध्यमिक शिक्षा में नकल पर नकेल के बाद अब शासन ने जूनियर विद्यालयों की शिक्षा पर भी ध्यान दिया है। परिषदीय जूनियर स्कूलों में पर्यावरण और सामाजिक अध्ययन की शिक्षा के सुधार के लिए इन विषयों में शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रथम चरण में जनपद स्तर पर प्रशिक्षण कराया जा रहा है। इसी क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान भोगांव पर प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण शुरू करा दिया गया है।
मैनपुरी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पर जनपद के सभी नौ विकास खंड के 40-40 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शेष शिक्षकों को बाद में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इस प्रशिक्षण से छात्र-छात्राओं की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के संकेत मिले हैं। पर्यावरण और सामाजिक अध्ययन क्षेत्र में शिक्षकों का प्रशिक्षण निश्चित ही मददगार होगा। नई तकनीकि और वर्तमान कार्यशैली में सुधार के लिए शासन ने इस प्रशिक्षण व्यवस्था को लागू किया है। शीघ्र ही प्रशिक्षण का कार्य पूरा कराया जाएगा।
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मैनपुरी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पर जनपद के सभी नौ विकास खंड के 40-40 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शेष शिक्षकों को बाद में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इस प्रशिक्षण से छात्र-छात्राओं की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के संकेत मिले हैं। पर्यावरण और सामाजिक अध्ययन क्षेत्र में शिक्षकों का प्रशिक्षण निश्चित ही मददगार होगा। नई तकनीकि और वर्तमान कार्यशैली में सुधार के लिए शासन ने इस प्रशिक्षण व्यवस्था को लागू किया है। शीघ्र ही प्रशिक्षण का कार्य पूरा कराया जाएगा।
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