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पलवल से फिर मथुरा वापस लौट आए बंदर
Updated Sun, 01 Oct 2017 08:04 PM IST
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monkey
- फोटो : demo
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मथुरा। नगर निगम ने लाखों रुपये देकर जो बंदर पकड़वाए थे वह सभी पलवल से वापस लौट आए हैं। बंदरों की अचानक बढ़ने वाली संख्या यह साफ कर रही है। लोगों का कहना है कि हरियाणा से सटे मथुरा के जंगलों में बंदरों की उछलकूद बढ़ रही है।
मथुरा और वृंदावन में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बंदरों ने कई लोगों पर हमला भी किया है। कई की मौत हो गई जबकि तमाम घायल हो चुके हैं। नगर निगम भी आए दिन बंदर पकड़वाता है। एक बंदर पर 250 से लेकर 300 तक का भुगतान किया जाता है। नगर निगम पिछले दो साल में लाखों रुपया इस पर खर्च कर चुका है लेकिन बंदरों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। अभी पिछले दिनों ही सवा लाख का भुगतान किया गया है। मगर वृंदावन में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
बताया जाता है कि जो बंदर पकड़े गए थे उन्हें पलवल के पास छोड़ा गया था। लेकिन जिस तरह से पलवल के जंगलों से होते हुए बंदर मथुरा जिले में आसपास के क्षेत्र में दिख रहे हैं उससे साफ है कि बंदर वापस लौट रहे हैं। वहीं नूह मेवात के साबुद्दीन की टीम ने भी बंदरों को पकड़कर पलवल में छोड़ा था लेकिन नगर निगम ने उनका अभी तक भुगतान ही नहीं किया है। सहायक नगर आयुक्त डॉ. ब्रजेश कुमार का कहना है कि नगर निगम फिर से बंदरों को पकड़वाने के लिए टेंडर निकालने जा रहा है। चार टीमों का ट्रायल किया गया है। इन टीमों ने पंद्रह बंदरों को पकड़कर भी दिखाया है।
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मथुरा और वृंदावन में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बंदरों ने कई लोगों पर हमला भी किया है। कई की मौत हो गई जबकि तमाम घायल हो चुके हैं। नगर निगम भी आए दिन बंदर पकड़वाता है। एक बंदर पर 250 से लेकर 300 तक का भुगतान किया जाता है। नगर निगम पिछले दो साल में लाखों रुपया इस पर खर्च कर चुका है लेकिन बंदरों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। अभी पिछले दिनों ही सवा लाख का भुगतान किया गया है। मगर वृंदावन में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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बताया जाता है कि जो बंदर पकड़े गए थे उन्हें पलवल के पास छोड़ा गया था। लेकिन जिस तरह से पलवल के जंगलों से होते हुए बंदर मथुरा जिले में आसपास के क्षेत्र में दिख रहे हैं उससे साफ है कि बंदर वापस लौट रहे हैं। वहीं नूह मेवात के साबुद्दीन की टीम ने भी बंदरों को पकड़कर पलवल में छोड़ा था लेकिन नगर निगम ने उनका अभी तक भुगतान ही नहीं किया है। सहायक नगर आयुक्त डॉ. ब्रजेश कुमार का कहना है कि नगर निगम फिर से बंदरों को पकड़वाने के लिए टेंडर निकालने जा रहा है। चार टीमों का ट्रायल किया गया है। इन टीमों ने पंद्रह बंदरों को पकड़कर भी दिखाया है।
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