{"_id":"5985ffa94f1c1ba5368b463a","slug":"141501953961-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच दोस्तों के विचार ने कायम किया परोपकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच दोस्तों के विचार ने कायम किया परोपकार
Updated Sun, 06 Aug 2017 12:01 AM IST
विज्ञापन
womenia band
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। परोपकार, सेवा और संवेदना, पांच मित्रों की टोली ने इन शब्दों को समाज में सार्थक रूप दिया। दोस्ती के दामन से हुई शुरुआत आज समाज में मिसाल बन गई है। परिवार को फक्र है, साथ ही उनकी सोच ने समाज को भी नई दिशा दी है। बचपन से ही साथ-साथ समाज की विकृतियों को देखा और खुद को मजबूत बनाकर विकृतियों से निपटने का जज्बा पैदा किया। शवों की बेकद्री रोकना हो या गायों की सेवा। गरीबों का सहारा भी बने, तो मुसीबत में भी आगे बढ़कर आए। जी हां जिले में पांच दोस्तों की टोली ने मानव सेवा के भाव को सच में संजोया है।
शहर निवासी अमित चौहान, डा. आनंद राठौर, रोहित जैन, दीपक चौहान और सत्यप्रकाश ठेकेदार की सोच से जन्मे एक विचार ने जो किया वह काबिले तारीफ है। पांचों बचपन से मित्र हैं। साथ पढ़े और साथ बढ़े और अब साथ में समाज को सेवा दे रहे हैं। अमित चौहान बताते हैं कि पांचों मित्र बचपन से साथ हैं। परिवार से मिले संस्कारों से हमारे बीच अक्सर समाज की समस्याआें को लेकर चर्चा चलती रहती थी। बचपन में तो ज्यादा कुछ नहीं कर सकते थे, लेकिन जब खुद को मजबूत कर लिया, तो दोस्ती को समाज के लिए समर्पित कर दिया।
पांच मित्रों की ये टोली जिले में बरामद होने वाले अज्ञात शवों का नि:शुल्क अंतिम संस्कार कराती है। वर्ष 2012 से हुई शुरुआत में आज तमाम लोग इनके साथी बन चुके हैं। शुरुआत में पांचों मिलकर शव को मोक्ष धाम पहुंचाते और खुद ही आग लगाते थे। इसके बाद उनको समाज का सहयोग मिलने लगा। इसके बाद पांचों ने मिलकर गोसेवा की ओर कदम बढ़ाया। वे शादियों में बचने वाले खाने और हरी सब्जियों के छिलकों को एकत्र कराते हैं और उसे गायों तक पहुंचाते हैं। हर रविवार को पांचों मित्र मिलकर गौशाला में गायों को सानी लगाते हैं।
विज्ञापन
इसके साथ ही सर्दियों में पांचों मिलकर गरीबों को कंबल वितरण करते हैं, तो कभी गरीब कन्याओं की शादी कराते हैं। रोहित जैन बताते हैं कि पिछले 25 सालों से हम सभी दोस्त हैं। आपस में हंसी मजाक सब कुछ चलता है। वहीं समाज के लिए हम जितना कर सकते हैं वह करते हैं। सत्यप्रकाश ठेकेदार कहते हैं कि दोस्ती ने समाज सेवा का भाव पैदा किया। आपस में हम मिल जुलकर एक दूसरे का सहयोग करते हैं।
फ्रेंडशिप बैंड से गुलजार बाजार
फ्रेंडशिप डे को लेकर बाजार भी गुलजार है। गिफ्ट गैलरियों में फ्रेंडशिप बैंड की खासी डिमांड है। अपने मित्र को रिश्ते में बांधने के लिए युवाओं में खासा उत्साह है। दुकानदार आशीष बताते हैं कि फ्रेंडशिप डे के लिए फ्रेंडशिप बैंड के साथ ग्रीटिंग कार्ड की भी मांग है। चॉकलेट और गिफ्ट पैक भी जमकर खरीदे जा रहे हैं।
पहले सेवा, फिर पार्टी
युवाओं ने फ्रेंडशिप डे को लेकर तमाम तैयारियां की हैं। किसी ने साथ मंदिर जाने, तो किसी ने गरीबों की सेवा करने की तैयारी की है। इस दौरान पार्टी के लिए रेस्तरां और होटल में बुकिंग करा दी है।
विज्ञापन
शहर निवासी अमित चौहान, डा. आनंद राठौर, रोहित जैन, दीपक चौहान और सत्यप्रकाश ठेकेदार की सोच से जन्मे एक विचार ने जो किया वह काबिले तारीफ है। पांचों बचपन से मित्र हैं। साथ पढ़े और साथ बढ़े और अब साथ में समाज को सेवा दे रहे हैं। अमित चौहान बताते हैं कि पांचों मित्र बचपन से साथ हैं। परिवार से मिले संस्कारों से हमारे बीच अक्सर समाज की समस्याआें को लेकर चर्चा चलती रहती थी। बचपन में तो ज्यादा कुछ नहीं कर सकते थे, लेकिन जब खुद को मजबूत कर लिया, तो दोस्ती को समाज के लिए समर्पित कर दिया।
विज्ञापन
पांच मित्रों की ये टोली जिले में बरामद होने वाले अज्ञात शवों का नि:शुल्क अंतिम संस्कार कराती है। वर्ष 2012 से हुई शुरुआत में आज तमाम लोग इनके साथी बन चुके हैं। शुरुआत में पांचों मिलकर शव को मोक्ष धाम पहुंचाते और खुद ही आग लगाते थे। इसके बाद उनको समाज का सहयोग मिलने लगा। इसके बाद पांचों ने मिलकर गोसेवा की ओर कदम बढ़ाया। वे शादियों में बचने वाले खाने और हरी सब्जियों के छिलकों को एकत्र कराते हैं और उसे गायों तक पहुंचाते हैं। हर रविवार को पांचों मित्र मिलकर गौशाला में गायों को सानी लगाते हैं।
विज्ञापन
इसके साथ ही सर्दियों में पांचों मिलकर गरीबों को कंबल वितरण करते हैं, तो कभी गरीब कन्याओं की शादी कराते हैं। रोहित जैन बताते हैं कि पिछले 25 सालों से हम सभी दोस्त हैं। आपस में हंसी मजाक सब कुछ चलता है। वहीं समाज के लिए हम जितना कर सकते हैं वह करते हैं। सत्यप्रकाश ठेकेदार कहते हैं कि दोस्ती ने समाज सेवा का भाव पैदा किया। आपस में हम मिल जुलकर एक दूसरे का सहयोग करते हैं।
फ्रेंडशिप बैंड से गुलजार बाजार
फ्रेंडशिप डे को लेकर बाजार भी गुलजार है। गिफ्ट गैलरियों में फ्रेंडशिप बैंड की खासी डिमांड है। अपने मित्र को रिश्ते में बांधने के लिए युवाओं में खासा उत्साह है। दुकानदार आशीष बताते हैं कि फ्रेंडशिप डे के लिए फ्रेंडशिप बैंड के साथ ग्रीटिंग कार्ड की भी मांग है। चॉकलेट और गिफ्ट पैक भी जमकर खरीदे जा रहे हैं।
पहले सेवा, फिर पार्टी
युवाओं ने फ्रेंडशिप डे को लेकर तमाम तैयारियां की हैं। किसी ने साथ मंदिर जाने, तो किसी ने गरीबों की सेवा करने की तैयारी की है। इस दौरान पार्टी के लिए रेस्तरां और होटल में बुकिंग करा दी है।